पटना । बांस (बैम्बू) की खेती में बिहार देश में अव्वल है। इसे हरा सोना कहा जाता है। कोसी क्षेत्र में बांस के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। कृषि वानिकी समागम में उक्त जानकारी उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने दी । उन्होंने कहा कि सरकार कृषि वानिकी को बढ़ावा देने के प्रति गंभीर है। शीघ्र ही मुंगेर में एग्रो फाॅरेस्ट्री काॅलेज खुलेगा। औषधीय व सुगंधित पौधों की खेती के लिए लखनऊ स्थित केंद्रीय संस्थान से एमओयू हुआ है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अपनी कृषि वानिकी नीति बनाना चाहती है। इसके लिए समागम में आए किसान एवं विशेषज्ञों की बनी समिति के सुझाव के आधार पर नीति तैयार होगी। बदलते मौसम को देखते हुए कृषि वानिकी को अपनाना किसानों के लिए जरूरी है। खेती से जुड़ी कई चीजों को अपनाने से किसानों की आमदनी बढ़ेगी। तैयार लकड़ी की मार्केटिंग के लिए ई-फाॅरेस्ट मंडी है। यह एक वेब पोर्टल है, जहां किसान लकड़ी की पूरी जानकारी दे सकेंगे। इससे उन्हें सही कीमत व बाजार मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री निजी पौधशाला योजना के अंतर्गत 2012-17 में छह करोड़ पौधारोपण हुआ, जो लक्ष्य से अधिक है। तीसरे कृषि रोड मैप में सिर्फ कृषि वानिकी के अंतर्गत पांच करोड़ पौधे तैयार करने का लक्ष्य है।