पटना । लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए सभी स्तंभ में संतुलन जरूरी है। सिर्फ कानून बना देने से ही काम नहीं होगा। इसके लिए सबकी सहभागिता अनिवार्य है। योजनाओं का क्रियान्वयन कैसे हो। इसका लाभ समाज के अंतिम लोगों तक कैसे पहुंचे। इस पर गंभीरता से विचार करना जरूरी है। विकास में राजनीति नहीं होनी चाहिए। उक्त बातें सुमित्रा महाजन ने कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन (सीपीए) भारत प्रक्षेत्र की ज्ञानभवन, पटना में आयोजित सम्मेलन के दौरान कहीं। इससे पहले गोवा में सम्मेलन हुआ था। महाजन सीपीए भारत प्रक्षेत्र की अध्यक्ष भी हैं। चार दिवसीय सम्मेलन में राज्यों के विधानसभा अध्यक्ष एवं ऑस्ट्रेलिया,पेसिफिक एवं अमेरिका रिजन देशों के प्रतिनिधि मौजूद हैं।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि विकास पर आयोजित बैठक में हर राज्य अपना बजट रखता है। आवंटित राशि कैसे खर्च हो इस पर जनप्रतिनिधियों को सोचना होगा। समाज के हर वर्ग तक समय पर विकास पहुंचाना हमारा लक्ष्य होना चाहिए। जनता की काफी अपेक्षाएं होती हैं। सामाजिक संस्थाएं भी इन कार्यों में उपयोगी हैं।
बिहार के गौरवशाली इतिहास की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार ज्ञान की धरती है। इस राज्य ने कई महान विभूतियों को दिया है। विकास के लिए कई लोगों ने काम किया है। यह संयोग है कि उनमें से एक जननायक कर्पूरी ठाकुर की पुण्यतिथि आज (17 फरवरी) है। सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की। राजस्व की बड़ी क्षति के बावजूद शराबबंदी के लिए उन्होंने सीएम नीतीश कुमार की प्रशंसा की। साथ ही केंद्र में उनके मंत्री रहते किए गए कार्यों की भी तारीफ की।
मौके पर सीपीए की इंटरनेशनल चेयरपर्सन एमिलिया मोनजोवा लिफाका, सांसद मुरली मनोहर जोशी, विधानसभा अध्यक्ष विजय चौधरी, सीएम नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी समेत विधायक मौजूद थे।