पटना । बिहार लीची उत्पादन में अग्रणी राज्य है। जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए चालू वर्ष में सात जिलों मुजफ्फरपुर, पूर्वी व पश्चिमी चंपारण, समस्तीपुर, सीतामढ़ी, वैशाली एवं शिवहर में 5000 हेक्टेयर लीची बागोें में उत्तम कृषि कार्यक्रम चलाने का लक्ष्य है। किसानों को लीची के बागों में समय-समय पर छिड़काव किए जाने वाले जैविक सामान (विशेषकर नीम आधारित) के लिए 5,000 रुपये प्रति हेक्टेयर (50 प्रतिशत) की दर से सहायतानुदान का प्रावधान है।
इसके अतिरिक्त उत्पादित लीची को अधिक दिनों तक सुरक्षित रखने के लिए भी योजना स्वीकृत की गई है। इसके माध्यम से लीची को 60 दिनों तक सुरक्षित रखा जा सकता है। इससेे किसानों को अधिक मूल्य मिल सकेगा। इस संबंध में संबंधित उद्यान सहायक निदेशकों को निर्देश दिया गया है।
कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने कहा कि मुजफ्फरपुर एवं इसके आसपास के जिलों में लीची की खेती बड़े पैमाने पर हो रही है। राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र, मुजफ्फरपुर लीची की खेती से संबंधित अनुसंधान एवं प्रसार कार्य करता रहा है। इसका मुख्य उद्धेश्य लीची उत्पादन में जैविक कीटनाशी का उपयोग कर गुणवत्तायुक्त जैविक फल का उत्पादन करना है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात कर लीची उत्पादकों की आय में वृद्धि करना है।