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उद्योग विभाग का बजट आकार व्यापार संघ के अनुरूप नहीं  

 पटना । बिहार बजट को बिहार उद्योग संघ (बीआईए) व बिहार चैंबर आॅफ काॅमर्स ने सराहा है, लेकिन उद्योग विभाग का आकार कम किए जाने से इन्हें निराशा मिली है। 
बीआईए : बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष के.पी.एस. केशरी ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2017-18 की तुलना में उद्योग विभाग के बजट आकार में कमी की गयी है, जो हमारी अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। हालांकि अनुपूरक बजट के माध्यम से सरकार आवश्यकतानुसार बजट उपलब्ध करायेगी, ऐसी हमारी सोच है । शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शिक्षा विभाग के बजट का आकार सबसे बड़ा किया गया है। इसका भी हम स्वागत करते हैं, लेकिन गुणवत्ता पर ध्यान देने की आवश्यकता है। 
केशरी ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2017-18 की तुलना में वित्तीय वर्ष 2018-19 के बजट आकार में लगभग 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। यह स्वागत योग्य है । आर्थिक सर्वेक्षण में भी राज्य सरकार के आर्थिक विकास को गति मिलती दिख रही है। निश्चित रूप से इस आर्थिक गति को यह बजट और ज्यादा गति प्रदान करेगा । सड़क एवं बिजली जैसे महत्त्वपूर्ण आधारभूत संरचना के विकास से राज्य की औद्योगिक गतिविधियों में सुधार होगा । 

बिहार चैंबर आॅफ काॅमर्स :  चैंबर अध्यक्ष पीके अग्रवाल ने कहा कि उम्मीद थी कि राज्य के समुचित औद्योगिक विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बजट में उद्योग विभाग को गत वर्ष की तुलना में कम से कम दोगुनी राशि का आवंटन किया जाएगा, लेकिन  622.04 करोड़ का ही आवंटन हुआ है। इससे प्रतीत होता है कि समुचित आवंटन के अभाव में बिहार के समुचित औद्योगिकरण का सपना साकार होने में कठिनाई आ सकती हैं।

राज्य में आवश्यकता अनुरूप उद्योग के लिए लैंड बैंक के द्वारा जमीन उपलब्ध कराना व नई औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के कार्य पर भी प्रश्न चिह्न लग सकता है । औद्योगिक क्षेत्रों में जमीन के वर्तमान सर्किल रेट को घटाने की भी कोई घोषणा बजट में नहीं की गई है।
चैंबर ने राज्य के बजट में पिछले वर्ष की तुलना में 10 प्रतिशत की वृद्धि किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। इससे राज्य के विकास कार्यों में गति आएगी। साथ ही राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार के सात निश्चयों को कार्यान्वित कराने की दिशा में यह बजट काफी कारगर सिद्ध होगा। 


 


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