पटना । कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) से अनुरोध किया कि कृषि विज्ञान केंद्रों में समेकित कृषि प्रणाली के माॅडल तैयार हो। साथ ही किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए खेती की नई तकनीक का माॅडल तैयार कर किसानों को प्रशिक्षित करेे। कृषि विज्ञान केंद्रों में किसानों के प्रशिक्षण के लिए बड़े हाॅल की सुविधा के साथ उनके ठहरने की भी व्यवस्था हो। कृषि मंत्री नई दिल्ली में आईसीएआर की वार्षिक बैठक को संबोधित कर रहे थे।
डाॅ प्रेम ने बिहार के जर्दालु, मालदह व लंगड़ा आम को प्रोत्साहित करने व केला में पनामा बिल्ट रोग के नियंत्रण के उपाय की बात कही। राज्य में कृषि शिक्षा एवं शोध को बढ़ावा देने के लिए गया में एक केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय या नवादा में शुष्क कृषि अनुसंधान केंद्र, शाहाबाद क्षेत्र में चावल अनुसंधान केंद्र, टाल क्षेत्र में दलहन अनुसंधान केंद्र, नालंदा व नवादा में जैविक खेती पर अनुसंधान केंद्र और कोसी क्षेत्र में जल कृषि पर अनुसंधान केंद्र स्थापित करने की अपील की।
उन्होंने केंद्रीय कृषि मंत्री को याद दिलाया कि सारण एवं औरंगाबाद में कृषि काॅलेज, मोतिहारी में बागवानी एवं वानिकी काॅलेज एवं मधुबनी में पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान काॅलेज की स्थापना की घोषणा की गई थी। राज्य सरकार इन संस्थानों के लिए आवश्यक जमीन उपलब्ध करायेगी। आईसीएआर बजट में इन संस्थानों के लिए राशि का प्रावधान करे ताकि इन संस्थानों की स्थापना हो सके।
बैठक में राज्यों के कृषि मंत्री, कृषि वैज्ञानिक, आईसीएआर के महानिदेशक, कृषि यूनिवर्सिटी के वीसी मौजूद थे।