पटना, बिहार कारोबार न्यूज । सरकारी सामान की खरीद के लिए जेम पोर्टल और डिजिटल वित्तीय प्रणाली के लिए सीएफएमएस को उप मुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री सुशील कुमार मोदी ने सचिवालय सभागार में लांच किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पहले चरण में जेम के जरिए सचिवालय से जुड़े कार्यालय 50 हजार रुपये मूल्य तक के सामान की खरीद करेंगे। पहली अप्रैल से सीटीएमआईएस के स्थान पर सीएफएमएस (समेकित वित्तीय प्रबंधन प्रणाली) लागू होने से ई-पेमेंट से जहां सरकारी राशि सीधे लाभुकों के खाते मेें पहुंचेगी, वहीं ई रिसीट से कोई भी व्यक्ति आॅनलाइन सरकारी खाते में राशि जमा कर सकेगा।
मोदी ने कहा कि सीएफएमएस के माध्यम से वित्तीय लेन-देन में परदर्शिता आयेगी व लाभुकों को तुरंत भुगतान के साथ समय की भी बचत होगी। इससे राज्य के बजट निर्माण, अकाउंटिंग और आवंटित राशि के खर्चों का हिसाब-किताब रखने में विभागों को मदद मिलेगी। सीएफएमएस प्रणाली के अंतर्गत सरकार के 44 विभाग ई-बिलिंग के माध्यम से ट्रेजरी से निकासी करेंगे। ई साइन के जरिए वाउचर हस्ताक्षरित होगा। कागजी कार्रवाई में लगने वाले अनावश्यक समय की बचत होगी।
उन्होंने कहा कि इस प्रणाली को चार चरणों में लागू किया जायेगा। प्रणाली के सुचारू संचालन के लिए 30 हजार से ज्यादा लोगों को प्रशिक्षित किया जायेगा व सभी विभागों के 10 हजार से ज्यादा निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी इसके माध्यम से वित्तीय लेन-देन करेंगे। पहले चरण में 50 हजार रुपये तक की खरीददारी इस पोर्टल के जरिए होगीे। 50 हजार से 30 लाख तक की खरीददारी निविदा के माध्यम से होगी। इस प्रणाली से खरीद होने के बाद विक्रेता को भुगतान के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। सामान प्राप्ति के 10 दिनों में खरीददार द्वारा सीआरएसी (कनसाइनी रिसिप्ट एंड एक्सेप्टेंस सर्टिफिकेट) जारी नहीं किए जाने पर मूल्यांकित राशि की 80 फीसदी स्वतः विक्रेता के खाते में चली जायेगी। अगले 30 दिन के बाद शेष 20 प्रतिशत राशि भी विक्रेता को मिल जायेगी।
इस अवसर पर वित्त विभाग की प्रधान सचिव सुजाता चतुर्वेदी, सचिव राहुल सिंह एवं राजस्व ,कृषि विभाग के प्रधान सचिव सुधीर कुमार एवं व भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव विवेक सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद थे।