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बाढ़ बड़ी चुनौती, नदियों में सिल्ट प्रबंधन पर हो काम

 पटना/बिहार कारोबार न्यूज । बिहार में बाढ़ प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती है। मध्यप्रदेश, छतीसगढ़, झारखंड एवं उत्तराखंड जैसे सीमावर्ती राज्यों तथा नेपाल में अधिक बारिश का दुष्प्रभाव बिहार को झेलना पड़ता है। गंगा में सिल्ट बड़ी समस्या है। सिल्ट के कारण नदी की गहराई घट गई है और अधिक वर्षा या अन्य स्थानों से पानी आने के कारण नदियों में सर्वाधिक बाढ़ स्तर उत्पन्न हो जाता है। जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने होटल मौर्या में आयोजित बिहार में कृषि विकास की क्षमता के स्रोत एवं संभावनाओं पर आयोजित काॅन्फ्रेंस में उक्त बातें कहीं।   

जल संसाधन मंत्री ने बताया कि बक्सर से गंगा के पानी का बहाव पटना के गांधी घाट तक पहुंचने में चार से पांच घंटा लगता है। जबकि भागलपुर से फरक्का तक पानी का बहाव पहुंचने में तीन दिन लगता है। इसलिए यह आवश्यक है कि सिल्ट प्रबंधन पर वृहद अध्ययन किया जाये।

उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग 52 लाख हेक्टेयर में सिंचाई की क्षमता है, जिसमें 29.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता सृजित की गई है। गत वित्तीय वर्ष में 3 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई क्षमता का विकास किया गया है। इस वित्तीय वर्ष में भी 3 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित की जा रही है। 
 


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