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सब्जी की खेती के लिए किसानों को मिला अग्रिम अनुदान 

पटना/बिहार कारोबार न्यूज । जैविक सब्जी की खेती के लिए अग्रिम इनपुट अनुदान देने वाला बिहार पहला राज्य बन गया है। बापू सभागार में आयोजित समारोह (5 मई 2018) में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चार जिलों के 20173 किसानों को ई-कैश के रूप में अग्रिम इनपुट अनुदान की राशि दी। साथ ही जैविक खेती एक झलक पुस्तक का विमोचन भी किया। ई-कैश के लिए कृषि विभाग ने इंडसइंड बैंक से करार किया है। 

राशि प्रति किसान ३० डिसमिल या १२५० वर्गमीटर जमीन के लिए छह हजार रुपये है। इस राशि से खेती कार्य के लिए सामान का क्रय 30 जून तक ही करना है। इसके बाद यह राशि कृषि विभाग के खाते में लौट जाएगी। हर मौसम में किसानों को सब्जी की खेती के लिए अग्रिम अनुदान मिलेगा। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में पटना, नालंदा, वैशाली व समस्तीपुर जिलों का चयन किया गया है। बाद में इसे अन्य जिलों में भी शुरू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि सब्जी उत्पादन में बिहार का तीसरा स्थान है। उम्मीद है कि शीघ्र ही हम दूसरे स्थान पर आ जाएंगे। इस कार्य में सरकार आपके साथ है। सब्जी में सफलता मिल जाने पर अन्य फसलों की खेती में भी अग्रिम अनुदान मिलेगा। जैविक खेती स्वास्थ्य के साथ पर्यावरण के भी अनुकूल है। 

उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बिहार के किसान भी सिक्किम की तरह जैविक खेती को ज्यादा से ज्यादा अपनाएं। 2005-06 में बिहार का कृषि बजट मात्र 20 करोड़ था, जो 2018-19 में बढ़ कर 2,266 करोड़ हो गया है। अगले साल मार्च तक बिहार के किसान डीजल की जगह बिजली से सिंचाई करेंगे। कृषि कार्य के लिए 8-10 घंटे बिजली मिलेगी।

इस अवसर पर कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार, कृषि उत्पादन आयुक्त सुनिल कुमार सिंह, प्रधान सचिव सुधीर कुमार व इंडसइंड बैंक के कंट्री हेड रवि हरजाई ने भी अपने विचार रखे।     
 


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