पटना/बिहार कारोबार न्यूज । वायु प्रदूषण पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की हाल में प्रकाशित रिपोर्ट पर उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने सोमवार को उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद, पर्यावरण एवं वन विभाग, परिवहन विभाग, उद्योग विभाग, नगर विकास व आवास विभाग के अधिकारी, डीएम, नगर निगम के आयुक्त एवं अन्य शामिल थे।
पेट्रोल पंप पर लगेंगे प्रदूषण जांच केंद्र : समीक्षा में मोदी ने पटना के सभी पेट्रोल पंपों पर प्रदूषण जांच केंद्र स्थापित करने तथा नियमित रूप से वाहनों की प्रदूषण जांच का निर्देश दिया। 15 वर्ष से पुराने वाहनों के परिचालन को नियंत्रित किया जायेगा। फिटनेस जांच में खरे नहीं उतरने वाले वाहनों को परमिट नहीं मिलेगा। पटना में वाहनों को सीएनजी से चलाने की व्यवस्था की जा रही है। पहले चरण में बसों को शामिल किया जायेगा।
हरी चादर से ढक कर निर्माण करने का निर्देश : निर्माणाधीन भवनों व पुलों से उड़ने वाले धूलकणों को रोकने के लिए हरी चादर से ढकने के नियम को कड़ाई से लागू कराने का निर्देश दिया गया। बालू तथा कचरे को ढक कर ही ढुलाई होगी। पटना में सड़कों के किनारे, पुलों के खंभों के पास व गंगा नदी के किनारे जल जमाव वाले क्षेत्रों में इस वित्तीय वर्ष में 10 हजार पौधे लगाये जायेंगे।
ईंट भट्ठों पर होगी कार्रवाई : सभी ईंट भट्ठों को इस वर्ष के अगस्त तक स्वच्छतर तकनीक में परिवर्तित करने का निर्देश दिया गया है। ऐसा नहीं करने पर लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं होगा।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदूषण की स्थिति नियंत्रित है तथा इसके रोकथाम के लिए सरकार सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे प्रदूषण की रोकथाम में सरकार का सहयोग करें। अधिकारियों को गया व मुजफ्फरपुर शहरों में भी बैठक कर प्रदूषण नियंत्रण के लिए सभी संभव उपाय करने के निर्देश भी दिए।