भुवनेश्वर/मुंबई/एजेंसी। पेट्रोल और डीजल की कीमत दस दिनों से लगातार बढ़ रही है। जनता राहत के लिए सरकार से उम्मीद लगाए बैठी है, लेकिन सरकार अब तक कोई फाॅर्मूला नहीं खोज सकी है। कीमत वृद्धि का जनजीवन पर काफी असर पड़ रहा है। सामान की कीमत बढ़ रही है।
पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने गुरुवार,24 मई 2018 को तत्काल राहत के लिए राज्यों से वैट घटाने की अपील की है। साथ ही पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी में लाने की वकालत भी की है।
पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार को ओडिशा सरकार से अनुरोध किया कि वह पेट्रोलियम उत्पादों पर वैट घटाए। उन्होंने कहा हम निश्चित तौर पर समाधान के लिए कोई रास्ता निकाल लेंगे। पिछले साल अक्टूबर में केंद्र सरकार ने गरीबों को ध्यान में रखते हुए ईंधन पर 2 रुपये प्रति लीटर का उत्पाद शुल्क घटाया था। इस बार केंद्र सरकार लघु और दीर्घ अवधि दोनों तरह के समाधान पर विचार कर रही है।
नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि राज्य इस स्थिति में हैं कि वे पेट्रोल पर वैट घटा सकते हैं। केंद्र की तुलना में राज्य बेहतर ढंग से कटौती कर सकते हैं। उनका मानना है कि सिर्फ पेट्रोल ही नहीं बल्कि बिजली को भी जीएसटी के दायरे में लाना चाहिए।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी गुरुवार को कहा कि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने के लिए राज्यों में आम सहमति बननी चाहिए। इससे ईंधन की कीमत नीचे आ जाएगी। फडणवीस ने कहा कि राज्यों के वित्त मंत्रियों के साथ बात हो रही हैं। राज्यों ने अभी तक सहमति नहीं दी है।