पटना/बिहार कारोबार न्यूज । मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार की तरक्की के बिना देश का विकास संभव नहीं है। सूबे के विकास में बैंक भी सहयोग करे। बिहारवासी बैंकों पर पूरा भरोसा करते हैं। आज भी बैंक उनके लिए निवेश की सबसे विश्वसनीय जगह है। बिहार में जमा पैसों को बैंक विकसित राज्यों को देते हैं।
सीडी रेशियो 50 फीसदी से भी कम : होटल मौर्या में एसएलबीसी की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में साख-जमा अनुपात (सीडी रेशियो) 50 फीसदी से भी कम है जबकि राष्ट्रीय औसत 70 फीसदी है। गोपालगंज, सीवान एवं सारण जिलों में भी सीडी रेशियो कम है। यह चिंता का विषय है। बिहार में 16 हजार की आबादी पर बैंक शाखा है जबकि आरबीआई के मानक के अनुसार पांच हजार की आबादी पर शाखा होनी चाहिए।
छोटे निवेशकों को लोन देने में बैंक करे सहयोग : मुख्यमंत्री ने बैंकर्स को कहा कि बिहार के लोगों में कर्ज लेने की प्रवृत्ति ज्यादा नहीं है। जो लेेना भी चाहते हैं। उनके लिए कड़े मापदंड हैं। जबकि बड़े लोगों को बड़ी राशि आसानी से उपलब्ध हो जाती है। यह घोटाला के रूप में सामने आ चुका है। विशेष राज्य की सुविधा के बिना यहां बड़ा निवेश नहीं होगा। छोटे उद्योग की संभावनाएं है। इसमें बैंकों को सहयोग करना चाहिए। सात निश्चय योजना के तहत स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में भी बैंकों का कोई सहयोग नहीं मिला।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, कृषि मंत्री, शिक्षा मंत्री, उद्योग मंत्री, मुख्य सचिव, डीजीपी, विकास आयुक्त, प्रधान सचिव सुजाता चतुर्वेदी, आरबीआई के क्षेत्रीय निदेशक, एसबीआई व नाबार्ड के सीजीएम, वित्त मंत्रालय के निदेशक सुधीर श्याम समेत कई वरिष्ठ अधिकारी व बैंककर्मी मौजूद थे।