पटना/बिहार कारोबार न्यूज । बरौनी खाद कारखाने में मई, 2021 से नीम कोटेड यूरिया का उत्पादन शुरू हो जायेगा। कारखाने से प्रतिदिन 3,850 टन यूरिया का उत्पादन होगा। 20 वर्षों से बंद कारखाने के पुनरुद्धार का काम निर्धारित समय जनवरी, 2021 में पूरा हो जायेगा। 7 हजार करोड़ की लागत से कारखाने के पुनरुद्धार का काम हिंदुस्तान उर्वरक व रसायन लि. (एचयूआरएल) कर रही है। एचयूआरएल के प्रबंध निदेशक ए.के. गुप्ता ने मंगलवार को उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को कार्य प्रगति की विस्तृत जानकरी दी।
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि इस कारखाने के शुरू होने से बिहार-झारखंड के लाखों किसानों को आसानी से यूरिया की आपूर्ति संभव होगी। साथ ही 1500 लोगों को प्रत्यक्ष एवं 10 हजार से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार भी मिलेगा।
कारखाने का पुनरुद्धार कार्य समय पर पूरा हो इसके लिए एचयूआरएल को राज्य सरकार पूरा सहयोग कर रही है। 220 करोड़ के स्टांप शुल्क को माफ कर दिया गया है। पुराने कारखाने की जमीन का समतलीकरण और स्क्रैप उठाने का 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है। निर्माण कार्य के लिए पानी व बिजली की आपूर्ति शुरू कर दी गयी है। निर्धारित 36 महीने में पुनरुद्धार काम पूरा हो जायेगा।
2016 में केंद्र सरकार ने गोरखपुर और सिंदरी के साथ ही बरौनी खाद कारखाने के पुनरुद्धार का निर्णय लिया। जून, 2016 में गठित हिन्दुस्तान उर्वरक व रसायन लि. को पुनरुद्धार का काम सौंपा गया।