मुख्य समाचार

वैज्ञानिकों ने जलवायु के अनुरूप तैयार की फसल की कई वैरायटी

सबौर/पटना/बिहार कारोबार न्यूज। बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर (भागलपुर) के वैज्ञानिकों ने राज्य की जलवायु के अनुरूप अनाज का उत्पादन बढ़ाने के लिए फसल की कई वैरायटी विकसित की है। सिंचित मध्यम जमीन के लिए धान के सबौर सुरभित, सबौर श्री, भागलपुर कतरनी एवं सबौर दीप वैरायटी को विकसित किया गया है। कम सिंचाई वाले क्षेत्र के लिए सबौर अर्धजल, शुष्क जलवायु वाले क्षेत्र के लिए सबौर हर्षित धान, शुष्क जलवायु एवं बाढ़-जलजमाव वाले क्षेत्र के लिए सबौर संपन्न धान तैयार किया है। 

गेहूं व मक्का : गेहूं की समय पर बुआई के लिए सबौर समृद्धि प्रभेद, वर्षा आधारित समय पर बुआई के लिए सबौर निर्जल एवं विलंब से बुआई के लिए सबौर श्रेष्ठ प्रभेद विकसित किया गया है। मक्का के खरीफ मौसम के लिए सबौर संकर मक्का-1 तथा खरीफ एवं रबी दोनों मौसम के लिए एचडीएम 117  विकसित  हैं।

मखाना : खाद्यान्न फसलों के साथ-साथ बागवानी फसलों में मखाना के लिए सबौर मखाना-1, जिसकी उत्पादकता 32 से 35 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। इससे 50 से 60 फीसदी लावा प्राप्त किया जा सकता है। बेल के लिए शुष्क जलवायु के लिए सबौर बेल-1 विकसित किया गया है, जिसके फल का औसत वजन 1 किलोग्राम है। 

कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने कहा कि बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर ने प्रशंसनीय काम किया है। अन्नदाता के हित में एवं जलवायु परिवर्तन के मद्देनजर फसलों की वैरायटी विकसित करने से राज्य के लिए ये लाभकारी सिद्ध होंगे। योजना के तहत इन वैरायटीे के बीज एवं पौधारोपण सामग्री किसानों को अनुदानित दर पर उपलब्ध किए जाएंगे।


संबंधित खबरें