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स्वच्छ पर्यावरण बहाल करना नैतिक जिम्मेवारी

पटना/बिहार कारोबार न्यूज । केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने पर्यावरण सुरक्षा को जीवन शैली का एक हिस्सा बना दिया था। उन्होंने नदी, वायु, पेड़, जंगल और पृथ्वी की पूजा की, लेकिन आधुनिक जीवनशैली में इन चीजों की अनदेखी हो रही है। स्वच्छ और हरित पर्यावरण को बहाल करना केवल तकनीकी मुद्दा नहीं है, बल्कि यह नैतिक उत्तरदायित्व है। 

जलवायु परिवर्तन के खतरे से बचाव के लिए वैश्विक पहल के साथ व्यक्तिगत पहल भी करने होंगे। इसके लिए जरूरी है कि हम “ग्रीन गुड डीड्स” को अपनाएं। इस्ट इंडिया क्लाइमेट चेंज कॉन्क्लेव 2018 को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज विश्व ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के खतरों से चिंतित है। पर्यावरण का जीवन पर प्रभाव हर वैश्विक मंच की कार्य सूची में है, लेकिन सबकी नजर भारत पर है। अंतरराष्ट्रीय मापदंड के अनुसार भारत सही ट्रैक पर काम कर रहा है। दो साल में 1 फीसदी वनक्षेत्र बढ़ा है। 2022 तक प्लास्टिक का सिंगल यूज समाप्त करना है।

डॉ. हर्षवर्धन ने जलवायु परिवर्तन से निबटने की दिशा में बिहार सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा इस कॉन्क्लेव से जलवायु परिवर्तन के बारे में नये विचार मिलेंगे, जिसका लाभ पूर्वी भारत के राज्यों को मिलेगा। 
 


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