पटना/बिहार कारोबार न्यूज । सूबे में मद्य निषेघ कानून को और अधिक सशक्त बनाने के लिए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन होगा। टास्क फोर्स आर्थिक अपराध इकाई के अंतर्गत कार्य करेगा। इसमें 12 अधिकारी एवं 24 सशस्त्र बल 24 घंटे काम करेंगे। शराबबंदी कानून के जिन प्रावधानों का दुरुपयोग हो रहा है उसमें संशोधन होगा। संशोधन विधेयक मॉनसून सत्र में पेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उक्त घोषणा अधिवेशन भवन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस समारोह (26 जून) के मौके पर की।
सीएम ने कहा कि मादक पदार्थ जब्त करने वाले अधिकारी एवं सूचकों को पुरस्कृत करने के लिए राज्य स्तरीय समिति का पुनर्गठन किया गया है। इसके लिए आवश्यक राशि राज्य सरकार उपलब्ध कराएगी। इस कार्य में मीडिया से भी निष्पक्ष विश्लेषण की अपील की। जो कमियां सामने आएंगी, उन्हें दुरुस्त किया जाएगा।
सामाजिक कुरीतियों को खत्म करना जरूरी है ताकि विकास का लाभ सभी को मिल सके। शराबबंदी कानून के सख्ती से पालन के लिए आईजी (मद्य निषेध) के नेतृत्व में नया तंत्र विकसित हुआ हैै। संबंधित फोन नंबर पर कोई भी शिकायत कर सकता है। नाम गुप्त रखा जाएगा और कार्रवाई की सूचना भी दी जाएगी।
सीएम ने आर्थिक अपराध आंकड़ों से संबंधित पुस्तक ए टू एन का विमोचन किया। साथ ही मादक पदार्थों के सुरक्षित भंडारण के लिए जिलों में निर्मित 35 गोदामों का रिमोट से उद्घाटन एवं एनडीपीसी एक्ट के कांडों के गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान के लिए सर्च, सीजर व सैंपलिंग विषय पर वीडियो सीडी का भी विमोेचन किया।
इस अवासर पर डीजीपी केएस द्विवेदी, प्रधान सचिव आमिर सुबहानी, एडीजी जीतेंद्र सिंह गंगवार, डीजी रवींद्र कुमार, सुनील कुमार एवं गुुप्तेश्वर पांडेय, सीएम के प्रधान सचिव चंचल कुमार, सचिव अतीश चंद्रा, विनय कुमार व मनीष कुमार वर्मा, विशेष सचिव अनुपम कुमार समेत पुलिस अधिकारी एवं गण्यमान्य लोग उपस्थित थे।