पटना । बिहार में हरित आवरण क्षेत्र बढ़ाने के लिए इस साल एक करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य है। वन महोत्सव (1-10 अगस्त, 2018) के दौरान स्कूल, अस्पताल व अन्य संस्थाओं के परिसर, सड़क, नहर व बांधों के किनारे पौधारोपण के लिए वन विभाग इच्छुक संस्थाओं को निःशुल्क पौधा उपलब्ध करायेगा। उक्त निर्णय डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में लिया गया। वन महोत्सव में जनसहभागिता के लिए 40 से अधिक संस्थाओं के साथ बैठक हुई।
डिप्टी सीएम ने आम लोग, जनप्रतिनिधि, स्वयं सेवी संस्था व पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों से अपील की कि वे इस अभियान से जुड़ कर पौधारोपण करें व इसे जनआंदोलन का स्वरूप दें। निजी तौर पर पौधारोपण करने वालों को छोटे ट्यूब वाले पौधों के लिए 5 व बड़े ट्यूब वाले पौधों के लिए 10 रुपये देना होगा।
वन महोत्सव के दौरान पटना जिला में 2 लाख तथा पटना शहर में 1 लाख पौधारोपण होगा। इनमें 27 हजार पौधे गेबियन में लगाये जायेंगे। 8 किमी लंबे दीघा-एम्स पथ पर वन महोत्सव के दौरान एक दिन में 2 हजार बड़े पौधे लगाये जायेंगे। महोत्सव के दौरान वन विभाग की 10 टीम पौधे और मजदूरों के साथ तैनात रहेगी। संस्थानों की सूचना पर वहां जाकर पौधारोपण करेगी।
इस साल वर्षाकाल में वन प्रमंडल 49 लाख तथा वानिकी कार्यक्रम के तहत किसान 58 लाख पौधे लगायेंगे। हर परिसर, हरा परिसर कार्यक्रम के अंतर्गत 258 संस्थानों में 80 हजार तथा नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत 3 लाख 63 हजार पौधे, गंगा वृक्षारोपण तथा 216 स्थलों जिनमें विद्यालय व अन्य संस्थानों के परिसर शामिल हैं में 1-1 लाख पौधे लगाये जायेंगे। एनएच के 120 किमी पथ पर 1.12 लाख पौधे लगाने की योजना है।
बैठक में पर्यावरण व वन विभाग के प्रधान सचिव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, पटना आयुक्त, डीएम, मेयर, चाणक्या लॉ विवि की कुलपति, आईजीआईएमएस के अधीक्षक, तरूमित्र के संयोजक फादर रॉबर्ट, बीआईए व बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स, केंद्रीय विद्यालय दानापुर एवं बेली रोड, कॉलेज ऑफ कॉमर्स व अरविंद महिला कॉलेज के प्रतिनिधि शामिल हुए।