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बिहार में निर्मित हैंडलूम उत्पाद को मिलेगी सब्सिडी 

पटना । बिहार में निर्मित हैंडलूम उत्पाद को खादी की तरह सब्सिडी मिलेगी। खादी पर अभी 20 फीसदी सब्सिडी हैै। साथ ही हर बुनकर को कारोबार के लिए 10 हजार की सहायता राशि भी दी जाएगी। राशि का भुगतान बैंक खाते में होगा। बुनकरों के पुराने लोन में रियायत के लिए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम लाया जायेगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिवेशन भवन में राष्ट्रीय हस्तकरघा दिवस पर आयोजित समारोह में उक्त घोषणा की। 

सीएम ने कहा कि कृषि के बाद हैंडलूम ग्रामीण क्षेत्र में सर्वाधिक रोजगार देने वाला सेक्टर है। हैंडलूम सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए सरकारी अस्पतालों में सतरंगी चादर स्कीम एवं  सरकारी कार्यालयों में हैंडलूम निर्मित पर्दा, चादर और टेबल क्लॉथ को अनिवार्य किया गया है। अब अस्पताल में भर्ती मरीजों को हैंडलूम वस्त्र भी मिलेगा। भागलपुर में हस्तकरघा एवं रेशम भवन का निर्माण होगा।  

90 फीसदी अनुदान पर 500 लाभुकों को 68 ईंच फ्रेम का लूम दिया गया है। हर बुनकर का एक आईडी नंबर होगा। यह नंबर उनके उत्पाद पर भी अंकित रहेेगा। इससे गड़बड़ी नहीं होगी। भुगतान सीधे बुनकर के बैंक खाते में होगा। सीएम ने कहा कि बुनकर सहयोग समितियों का चुनाव समय पर होना चाहिए। चुनाव का खर्च उद्योग विभाग वहन करेगा। 

स्वास्थ्य मंत्री : स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि सतरंगी चादर योजना के तहत प्रति वर्ष 2 लाख चादर की जरूरत है। अस्पतालों में सात दिन सात रंग की चादर बिछाई जा रही है। 4 जिलों को छोड़कर सभी जिलों में आपूर्ति की गई चादर का भुगतान हो चुका है। 14.36 करोड़ में सिर्फ 1.14 करोड़ का भुगतान रह गया है।

 इस मौके पर डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी, उद्योग मंत्री जय कुमार सिंह, विकास आयुक्त शशि शेखर शर्मा, प्रधान सचिव डाॅ एस. सिद्धार्थ, सीएम के सचिव मनीष वर्मा , बिश्कोटेक्स के अध्यक्ष नकीब अहमद समेत बड़ी संख्या में बुनकर मौजूद थे। 


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