पटना । मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कृषि विभाग के अधिकारियों को गांवों में जाकर किसान हित में समुचित सलाह देने का निर्देष दिया है। उन्होंने कहा कि अगला दस दिन धान रोपाई केे लिए काफी महत्वपूर्ण है। कृषि विभाग की यह कोशिश होनी चाहिए कि इस अवधि में अधिक से अधिक रोपाई हो। मुख्यमंत्री 1 अणे मार्ग में कम बारिश से उत्पन्न स्थिति एवं बाढ़ पूर्व तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे।
कृषि विभाग के प्रधान सचिव कोे हवाई सर्वे कर सूबे में धान रोपाई की वास्तविक रिपोर्ट देने का निर्देश मिला है। सीएम ने कहा कि सारण, वैशाली, मुजफ्फरपुर एवं जमुई जिलों में बारिश की स्थिति ठीक नहीं है। इन पर विशेष नजर रखनी होगी। 10 दिनों के बाद रोपाई की जानकारी मिलने केे बाद आगे की योजना बनेगी। धान के बदले वैकल्पिक फसल योजना की भी तैयारी रखें। किसानों कोे फसल चक्र की भी जानकारी देनी होगी।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने जानकारी दी कि 21 अगस्त केे बाद बिहार में बारिश एवं सितंबर में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। कृषि विभाग के प्रधान सचिव सुधीर कुमार ने बताया कि 10 जिलों में 75 फीसदी सेे कम धान की रोपाई हुई हैै। जल संसाधन विभाग ने नदियों एवं नहरों में पानी की उपलब्धता एवं पीएचईडी ने भूजल स्तर की जानकारी दी।
बैठक में डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी, सीएम के परामर्शी अंजनी कुमार सिंह, मुख्य सचिव, विकास आयुक्त, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं सदस्य, कई विभागों के प्रधान सचिव एवं सीएम सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।