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मछली उत्पादन में बिहार होगा आत्मनिर्भर, अभी है 4 रैंक

पटना । मछली उत्पादन में बिहार शीघ्र आत्मनिर्भर हो जाएगा। फिलहाल देश में बिहार मछली उत्पादन में चौथे, मांस में छठे, दूध में नौवें और अंडा उत्पादन में 10 वें स्थान पर है। बिहार में हर साल 800 करोड़ अंडे की आवश्यकता है जबकि उत्पादन मात्र 100 करोड़ का ही है। बिहार में सालाना प्रति व्यक्ति 12 अंडे की खपत है जबकि राष्ट्रीय औसत 66 का है। उक्त बातें डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहीं। वह अधिवेशन भवन में आयोजित बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के पहले स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। 

उन्होंने कहा सरकार ने मिड डे मील एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में सप्ताह में एक दिन अंडा देना अनिवार्य कर दिया है। विज्ञान, तकनीक व प्रशिक्षण के जरिए पशुपालन, मुर्गी व मछली पालन को बढ़ावा देकर राज्य के किसानों को समृद्ध बनाया जायेगा। पशु विज्ञान विश्वविद्यालय की अहम भूमिका होगी।

मुर्गी फार्म लगाने में कृषि भूमि के व्यावसायिक भूमि में कन्वर्जन की परेशानी को सरकार दूर करेगी ताकि बैंकों से कर्ज लेने में मुर्गीपालकों को सुविधा हो। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के आदेश के बाद अब राज्य सरकार कोशिश करेगी कि मुर्गी पालकों को प्रदूषण नियंत्रण पर्षद से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेने की जरूरत न पड़े। 

बक्सर के डुमरांव में भारत सरकार की ‘गोकुल ग्राम’ के तहत 8 करोड़ की लागत से गायों के देशी नस्ल के विकास व गैर दुधारू पशुओं के गोबर व मूत्र के इस्तेमाल की योजना शुरू की गयी है। ‘संजीवनी’ योजना के तहत आधार की तरह पशुओं को भी एक नंबर देकर कान में छेद कर एक चिप लगा दिया जाता है। इससे टीकारण, गर्भधारण की तिथि व अन्य जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इस पर भी बिहार में तेजी से काम हो रहा है। 


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