पटना । दशमेश पिता गुरु गोविंद सिंह महाराज सर्वंशदानी, संत सिपाही, महान योद्धा, सफल नेतृत्वकर्ता, सामाजिक-राजनैतिक-आध्यात्मिक चिंतक, कई भाषाओं के जानकार, श्रेष्ठ साहित्यकार, दया, क्षमा, प्रेम, विनम्रता व परोपकार आदि सद्गुणों से संपन्न एक आदर्श व्यक्तित्व थे । जब तक यह धरती रहेगी, लोग उन्हें याद रखेंगे । उक्त बातें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहीं। वह पटना साहिब स्थित गुरु के बाग में बहुद्देशीय प्रकाश केंद्र एवं उद्यान योजना कार्य का शुभारंभ कर रहे थे ।
सीएम ने कहा कि ज्ञान की भूमि होने के कारण बहुद्देशीय प्रकाश केंद्र का नाम प्रकाश पुंज होना चाहिए । यहां चार द्वार बनेंगे, जिनका नाम बाबा अजीत सिंह द्वार, बाबा फतेह सिंह द्वार, बाबा जुझार सिंह द्वार और बाबा जौरावर सिंह द्वार होगा । 54.16 करोड़ की लागत से 18 माह में इसे पूरा करने का लक्ष्य हैै ।
इसके अतिरिक्त यहां पांच तख्त होंगे । तख्त श्री पौता साहिब, तख्त श्री नांदेड़ साहिब, तख्त श्री केशगढ़ साहिब, तख्त श्री हेमकुंड साहिब और इसका तलहट होगा तख्त श्री पटना साहिब । जो स्ट्रक्चर बनेगा, वह चारों तरफ सेे खुला रहेगा । यह एक ऐसा केंद्र बनेगा कि प्रकाश पुंज को देखने वालों कोे सिख धर्म और गुरु गोवन्द सिंह जी महाराज के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकेगी । मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु कृपा के कारण ही 350वें प्रकाश पर्व और शुकराना समारोह के आयोजन का अवसर मिला ।
इस अवसर पर मुख्य ग्रंथी एवं तख्त हरमंदिर साहिब के मुख्य जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह, मंत्री प्रमोद कुमार व महेश्वर हजारी, बिहार राज्य योजना पर्षद केे उपाध्यक्ष जीएस कंग, सीएम के परामर्शी अंजनी कुमार सिंह, मुख्य सचिव दीपक कुमार, प्रधान सचिव रवि परमार व चंचल कुमार, सीएम सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी समेत सिख श्रद्धालु मौजूद थे ।