पटना । ‘नेशनल मिशन ऑन जेम ’ का शुभारंभ डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने पुराना सचिवालय सभागार में किया। उन्होंने कहा कि सचिवालय और उससे जुड़े विभागों में खरीद के लिए जेम पोर्टल की शुरुआत अप्रैल, 2018 में हुई थी। फिलहाल बिहार में जेम पोर्टल पर 1239 विक्रेता निबंधित हैं। विभिन्न विभागों ने अब तक 46.7 करोड़ की खरीद की है और करीब 50 करोड़ की खरीद प्रक्रियाधीन है।
आईजी प्रोविजन केके सिंह ने क्रेता के तौर पर अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि पुलिस विभाग ने जेम के जरिए छह करोड़ रुपये के वाहन की खरीद की है। प्रति वाहन जहां 75 हजार रुपये तक की बचत हुई, वहीं एक माह में आपूर्ति और भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर ली गई।
कृष्णा एजेंसी के नवीन गुप्ता ने विक्रेता के रूप में अपना अनुभव बताते हुए कहा कि जेम पोर्टल से सामान आपूर्ति की प्रक्रिया काफी सरल और पारदर्शी है। पिछले छह महीने में बिना किसी भागदौड़ के ऑफिस में बैठ कर करीब 70 लाख का आॅर्डर प्राप्त किया। भुगतान भी समय पर हो रहा है।
डिप्टी सीएम ने कहा कि बदलाव को स्वीकार करने की जरूरत है। 2017 में मेट्रो में जहां 3.60 करोड़ लोगों ने ई-कॉमर्स का उपयोग किया, वहीं टायर टू के शहरों में ऑनलाइन खरीद करने वालों की संख्या 3.70 करोड़ रही। जेम में किसी आपूर्तिकर्ता द्वारा ऑर्डर स्वीकार करने के बाद इनकार करने पर उसे ब्लैकलिस्ट करने, निजी खरीद की सुविधा देने, साइबर क्राइम और फर्जीवाड़ा रोकने के लिए इंटेलिजेंस मैकनिज्म का प्रावधान होना चाहिए।
जेम के एडिशनल सीईओ सुरेश कुमार ने पीपीपी के जरिए जेम की विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में वित्त विभाग की प्रधान सचिव समेत कई पदाधिकारी उपस्थित थे।