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शराबबंदी में गड़बड़ी करने वाले सरकारी कर्मी होंगे बर्खास्त

पटना । मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि शराबबंदी लागू कर बिहार में सोशल रिफाॅर्म की बुनियाद रखी गयी है । इसमें कोई समझौता नहीं होगा । 2 अक्टूबर कोे बापू की 150वीं जयंती मनाई जाएगी । इसलिए पूरे समर्पण के साथ शराबबंदी को देखना होगा । सीएम 1 अणे मार्ग में मद्य निषेध से संबंधित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर रहे थे । सभी प्रमंडलीय आयुक्त, आईजी, डीआईजी, डीएम एवं एसपी वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग से जुड़े थे।

सीएम ने कहा कि हरियाणा, अरुणाचल प्रदेश व अन्य राज्यों से आने वाली शराब के स्रोत तक पहुंचना होगा । निचले स्तर पर जो अधिकारी इस काम में लगे हैं । उन पर डीएम और एसपी को कड़ी निगरानी रखनी होगी । शराबबंदी कानून में आवश्यक संशोधन कर दिया गया है । सभी डीएम एवं एसपी को हर 15 दिन पर मीटिंग करने एवं जब्त शराब को 15 दिन में हर हाल में नष्ट करने का निर्देश मिला । 

मुख्यमंत्री ने गड़बड़ी करने वाले थानेदारों पर तत्काल कार्रवाई का निर्देश देते हुए कहा कि पुख्ता प्रमाण मिलने पर उन्हें सेवा से बर्खास्त किया जाएगा । शराबबंदी के पहले इस धंधे से जुड़े लोगों की गतिविधि पर भी नजर रखने के लिए कहा गया । नदी के जरिये शराब आने की रिपोर्ट वैशाली, छपरा और पटना जिलों से आ रही है। इन जिलों के एसपी मीटिंग कर इस पर प्रतिबंध लगाने की दिशा में समुचित कार्रवाई करें । 

डीजीपी, प्रधान सचिव गृह, एडीजी ईओयू एवं आईजी प्रोहिबिशन को भी हर महीने नियमित रूप से मीटिंग करने का निर्देश मिला । बैठक में मद्य निषेध मंत्री, मुख्य सचिव, डीजीपी, मद्य निषेध विभाग के प्रधान सचिव, एडीजी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। 
 


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