पटना । आयुष्मान भारत योजना (पीएम जन आरोग्य योजना) का शुभारंभ राज्यपाल लालजी टंडन एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ज्ञान भवन में 23 सितंबर को किया । योजना में राज्य के लगभग 1.8 करोड़ परिवार शामिल हैं । इसमें ग्रामीण क्षेत्र से 99,58,392 एवं शहरी क्षेत्र से 8,65,916 परिवार हैं । लाभार्थी परिवार का चयन सामाजिक, आर्थिक एवं जातिगत जनगणना 2011 के आधार पर किया गया हैै । लाभार्थियों को योजना से संबंधित गोल्डन रिकॉर्ड कार्ड भी मिला ।
सीएम ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर आयुष्मान भारत योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री रांची से कर रहे हैं । यह बहुत ही अच्छी योजना है । इसके अंतर्गत एक साल में एक परिवार कोे पांच लाख रुपये की मदद किसी भी सरकारी या निजी अस्पताल में इलाज कराने पर दी जाएगी । बिहार में भी योजना लागू हो गई है । योजना का क्रियान्वयन पारदर्शी तरीके से हो ताकि जरूरतमंद को लाभ समय पर मिल सके ।
उन्होंने कहा हमें जबसे बिहार में काम करने का मौका मिला है तबसे स्वास्थ्य सुधार की दिशा में कई काम हुए हैं । आईजीआईएमएस अब 2500 बेड का अस्पताल हो जागा । पीएमसीएच को 5000 बेड वाले अस्पताल बनाने के लिए हम संकल्पित हैं , जिसका डीपीआर तैयार हैै । मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष का भी गठन किया गया है, जिसके तहत 2.5 लाख रुपये तक आय वाले परिवार को इलाज के लिए 10 लाख रुपये तक की मदद मुहैया करायी जाती हैै । सहायता के लिए जो भी आवेदन प्राप्त होते हैं, उन पर तत्काल कार्रवाई होती हैै ।
रांची के प्रभात तारा मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयुष्मान भारत योजना के शुभारंभ का लाइव प्रसारण ज्ञान भवन में उपस्थित अतिथियों ने देखा । साथ ही ज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम से बिहार के सभी जिलों के जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग से जुड़े रहे ।
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, अश्विनी कुमार चौबे , राम कृपाल यादव, विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी, विधान परिषद के कार्यकारी सभापति हारून रशीद, डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय एवं प्रधान सचिव संजय कुमार ने भी अपने विचारों को रखा। इस मौके पर कई विधायक समेत प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।