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30 सेकेंड में होगी मिट्टी की जांच, बीएयू लैब में लगी मशीन

पटना/सबौर । बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू ) सबौर में ड्राई केमिस्ट्री आधारित मिट्टी जांच प्रयोगशाला ने 24 सितंबर से काम करना शुरू कर दिया । देश की यह पहली प्रयोगशाला है। कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विकास भवन पटना से लैब का उद्घाटन किया। 

लैब की स्थापना सीमेट-इंडिया की मदद से हुई है। इन मशीनों की खासियत यह है कि मिट्टी जांच में केमिकल का उपयोग नहीं होता है। साथ ही गलतियों की संभावना भी काफी कम होती है। 12 पारामीटर पर एक नमूने की जांच में मात्र 30 सेकेंड लगता है, जिससे एक दिन में लगभग एक हजार नमूनों की जांच हो सकेगी। जबकि वर्तमान में मिट्टी जांच में औसतन 8 घंटे का समय लगता है।

बिहार कृषि विश्वविद्यालय के लैब में दो तरह की मशीन लगी है। पहली मशीन एक्सआरएफ की कीमत 65 लाख रुपये है। इससे मिट्टी एवं पौधों में उपस्थित कुल पोषक तत्वों की जांच तुरंत की जा सकती है। दूसरी एमआईआर स्पेक्ट्रोमीटर मशीन की कीमत 40 लाख रुपये है। इससे 30 सेकेंड में मिट्टी के नमूनों की जांच की जा सकती है। इससे मिट्टी एवं पौधों में उपस्थित पोषक तत्वों की स्पेक्ट्रल सिगनेचर प्राप्त होती है। प्राप्त स्पेक्ट्रल सिगनेचर को अन्य साॅफ्टवेयर के माध्यम से गणना कर लिया जाता है। 

डाॅ प्रेम कुमार ने कहा कि मशीन से मिट्टी की डिजिटल मैपिंग, इन्फ्रारेड, एक्स-रे डिफ्रैक्शन तकनीकी के आधार पर मिट्टी के यौगिकों का गुणात्मक एवं मात्रात्मक विश्लेषण करने में मदद मिलेगी। 

इस अवसर पर प्रधान सचिव सुधीर कुमार, बिहार कृषि विश्वविद्यालय के वीसी डाॅ एके सिंह, कृषि निदेशक आदेश तितरमारे, सीमेट के एंड्रयू मैकडाॅनल व डाॅ आरके मल्लिक, निदेशक, प्रसार शिक्षा डाॅ आरके सोहाने, कृषि अनुसंधान संस्थान के क्षेत्रीय निदेशक डाॅ अरविन्द कुमार सहित कृषि विभाग के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे। 
 


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