पटना। पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार ने कहा कि बिहार में पर्यटन क्षेत्र में काफी संभावनाएं हैं। उन्होंने उद्यमियों से पीपीपी मोड में कार्य करने की अपील की। सरकार जमीन व आवश्यक संसाधन उपलब्ध करायेगी। विश्व पर्यटन दिवस पर बीआईए परिसर में आयोजित सेमिनार Tourism Sector in Bihar, Opportunities & challenges को वे संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा पर्यटन सरकार का अभिन्न अंग है। बावजूद बजटीय प्रावधान काफी कम है। 2018-19 का बजट 153 करोड़ है। हालांकि 2017-18 (109 करोड़) की तुलना में यह राशि अधिक है। केंद्र सरकार ने पर्यटन क्षेत्रों के विकास के लिए 600 करोड़ का पैकेज दिया है।
पर्यटन मंत्री ने बीआईए सभागार में मौजूद उद्यमियों को बताया कि आपको सुकून देने के लिए एक प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। प्रस्ताव यह है कि आपकी जमा इनकम टैक्स राशि की 10 फीसदी आपको पर्यटन के मद में दी जाए। ऐसी व्यवस्था कई देशों में है। पर्यटकों की सुविधा के लिए मुंबई, दिल्ली, कोलकाता व बनारस समेत कई जगहों पर पर्यटक सूचना केंद्र बनाए गए हैं। जिलों से पर्यटन स्थलों की सूची मंगा कर कंपाइल की जा रही है।
प्रधान सचिव : पर्यटन विभाग के प्रधान सचिव रवि परमार ने कहा कि सेमिनार में आए सुझावों पर विभाग विचार करेगा । मुंबई एवं मध्य प्रदेश के तर्ज पर राज्य में पर्यटकों की सुरक्षा के लिए टूरिस्ट पुलिस का प्रस्ताव गृह विभाग को भेजा गया है । पीपीपी मोड में काम करने पर उन्होंने भी जोर दिया ।
बीआईए : बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष केपीएस केशरी ने कहा कि देश की जीडीपी व रोजगार में पर्यटन क्षेत्र का योगदान क्रमश: 6.88 एवं 12 प्रतिशत है । बिहार में भी विदेशी पर्यटकों की संख्या काफी बढ़ी है । उन्होंने राज्य में पर्यटन क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए सर्किट की जगह कलस्टर को चिहिनत करने पर जोर दिया । टूरिज्म सब कमिटी के सुनील सिंह ने भी अपने विचारों को रखा ।
सत्र को पटना एयरपोर्ट के निदेशक आर एस लाहौरिया, बीआईए के पूर्व अध्यक्ष एसपी सिन्हा, होटल ललित चंडीगढ़ की नंदिता करण, जातक ट्रेवल के यूएन मिश्रा, बिहार विरासत विकास समिति के विजय कुमार चौधरी, ट्रेवल क्रूज इंडिया के ए. गोस्वामी ने भी संबोधित किया ।