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सर्च योर रूट से प्रवासी बिहारी मूल जगह को पहचानें  

मॉरीशस/पटना । माॅरीशस में रह रहे प्रवासी बिहारी सर्च योर रूट से अपने परिजन व पुरखों की पहचान करें और अपनी मूल जगह से जुड़ें। डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने प्रवासी बिहारियों से अपनी मूल जड़ को पहचानने का आह्वान किया। वह मॉरीशस में भोजपुरी भाषी संघ की ओर से आयोजित एक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष विजय चौधरी, विधान परिषद् के कार्यकारी सभापति हारूण रशीद, मंत्री ललन सिंह व श्रवण कुमार भी मौजूद थे।

डिप्टी सीएम ने कहा कि प्रवासी बिहारियों के अपने पुरखों से जीवंत संबंध स्थापित करने के लिए बिहार फाउंडेशन का मॉरीशस चैप्टर स्थापित किया जाएगा। संवाद के जरिये प्रवासी बिहारी बिहार में रहने वाले परिजनों से संबंध स्थापित कर सकेंगे। मॉरीशस के प्रवासी बिहारियों से जनवरी, 2019 में वाराणसी में होने वाले प्रवासी भारतीय दिवस समारोह में शिरकत करने की भी अपील की। इसका उद्घाटन मॉरीशस के राष्ट्रपति पी. जगन्नाथ करेंगे। 

उन्होंने बताया कि 1834 के आस-पास अंग्रेजों ने बिहार के मजदूरों को पानी के जहाज में भर कर माॅरीशस लाया। यहां आने वाले लोग गिरमिटिया मजदूर कहलाये। इन मेहनतकश मजदूरों ने ही अपने श्रम से यहां की धरती को हरा-भरा और उपजाऊ बनाया। मॉरीशस के निर्माण और तरक्की में बिहार से आये मजदूरों का महत्वपूर्ण योगदान है, जिसे भुलाया नहीं जा सकता है। t
 


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