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टेरा मोटर इंडिया बिहार में निवेश को तैयार, मांगी जमीन व टैक्स छूट

पटना / 30.10.18 । जापानी कंपनी टेरा मोटर इंडिया बिहार में ई-व्हेकिल निर्माण क्षेत्र में निवेश के लिए तैयार है । इसके लिए कंपनी ने राज्य सरकार से जमीन और टैक्स छूट मांगी है । ई व्हेकिल के लिए बिहार अच्छा बाजार है । यहां से कंपनी को अपने प्रोडक्ट झारखंड, यूपी, नाॅर्थ इस्ट, नेपाल व बांग्लादेश भेजने में सहूलियत होगी । यह जानकारी जापान के कोबे यूनिवर्सिटी के प्रो. टाकाहीरो साटो ने दी। वह लंबे समय से भारत में जापान के निवेश पर स्टडी कर रहे हैं ।  

प्रो. साटो बिहार उद्योग संघ परिसर में japan investment in india with spl reference to bihar विषय पर आयोजित एक परिचर्चा को संबोधित कर रहे थे । आईआईटी पटना, बीआईए एवं सीआईआई बिहार चैप्टर के संयुक्त तत्वाधान में सेमिनार हुआ था । उन्होंने बताया कि बिहार में जापान सें संबद्ध 77 व्यापारिक प्रतिष्ठान कार्य रहे हैं। इनमें 60 से अधिक जीवन बीमा (रिलायंस निप्पन लाइफ इंश्योरेंस ) एवं वित्त क्षेत्र से जुड़े हैं । राजगीर एवं बोधगया में कुछ कंपनियों ने हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में निवेश किया है । 

जापान के साथ सांस्कृतिक समानता के बावजूद बिहार में कम निवेश पर प्रो. टाकाहीरो ने चिंता जतायी । मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जापान दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि सीएम बिहार में जापानी कंपनियों के निवेश को लेकर काफी सजग हैं । प्रधानमंत्री शिंजो आबे के साथ मुलाकात में नीतीश कुमार ने बिहार में पीस कॉरिडोर तैयार करने की बात कही थी। इससे बुद्ध सर्किट को बढ़ावा मिलेगा । प्रस्ताव का स्वागत भी हुआ था । उन्होंने बताया कि बिहार की 2016 की औद्योगिक नीति में 10 सेक्टर पर फोकस है । उम्मीद है कि इन क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा मिलेगा।  

प्रो. साटो ने कहा कि 2028 तक भारत दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था के रूप में उभर कर आयेगी । भारत में 1991 के इकोनाॅमिक रिफाॅर्म व 2014 के बाद जापानी कंपनियों का निवेश बढ़ा है । 2017 तक भारत में 1369 जापानी कंपनियां और 4838 व्यापारिक प्रतिष्ठान कार्यरत थे । अधिकतर कंपनियां दिल्ली और हरियाणा में हैं । उन्होंने कुशल मानव संसाधनों की कमी, भ्रष्टाचार, टैक्स प्रशासन की खामियां, क्राइम, बिजनस लाइसेंस व परमिट में गड़बड़ी की ओर भी संकेत दिया ।

आईआईटी पटना के प्रो नलीन भारती व डाॅ सुकृति सिंह, पीयू के प्रो एनके चौधरी, बीआईए के संजय भरतिया व सीआईआई के पीके सिन्हा ने भी अपने विचारों को रखा। 


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