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बीएयू की फिल्मों से खेती की तकनीक सीख रहे किसान

सबौर (भागलपुर)/ 17.11.18 । बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर के चैनल youtube-com/bausabour को सब्सक्राइब करने वालों की संख्या एक लाख पार कर चुकी है। चैनल पर हजारों की संख्या में लोग रोजाना विजिट करते हैं और इससे खेती के नवीनतम तकनीक सीखते हैं। लोकप्रिय वीडियो प्लेटफॉर्म यूट्यूब के माध्यम से फिल्में देखी जा रही हैं।  

यूट्यूब से उपलब्ध डाटा के अनुसार बिहार के किसानों की सफलता की कहानियां पर दर्शकों का रुझान सर्वाधिक है। इसके बाद पॉल्ट्री और डेयरी की फिल्में देखी गयी हैं। चैनल दुनिया के ऐसे देशों में भी देखा जाता है, जहां हिन्दी या अंग्रेजी नहीं समझी जाती। इनमें फ्रांस, वियतनाम, स्पेन व इटली हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, यूएई, पाकिस्तान, इरान, ओमान, कनाडा, बांग्लादेश, मलेशिया और कतर देशों में इसे सर्वाधिक देखा जाता है।

बीएयू की तरफ से अब तक 202 फिल्में लगायी गयी हैं, जिनमें आधुनिक खेती के अलावा पॉल्ट्री, डेयरी, बागवानी, किसानों की सफलता की कहानियां और घरेलू स्तर  पर केचप बनाने की  फिल्म लोड की गयी हैं। 

विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ए.के. सिंह का कहना है कि कृषि ज्ञान देने वाले चैनल को एक लाख सब्सक्राइबर मिलना और करीब एक करोड़ बार देखा जाना बड़ी बात है। इस तरह के कंटेंट को लोग मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि गंभीरता के साथ खेती या उद्यम में उपयोग करने के लिए देखते हैं। निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. आर. के. सोहाने बताते हैं कि यूट्यूब पर लाखों कंटेंट शेयर होते हैं, लेकिन ये विश्वसनीय श्रोत से नहीं आते और गुणवत्ता भी अच्छी नहीं होती। हमारी फिल्में काफी शोध के बाद बनायी जाती हैं। 

किसान रंजय, रामदास व प्रीतम की कहानी : दो माह पहले खगड़िया के दो किसानों की सफलता की कहानी को लगभग दस लाख लोगों ने देखा। खगड़िया जिले के किसान रंजय बताते हैं कि फिल्म केे उपलोड होते ही दुबई, सिंगापुर, ओमान व अमेरिका से सैकड़ों कॉल आने लगे। कई देशों के लोगों ने रंजय के बैक यार्ड पॉल्ट्री के तरीके को पसंद किया और उन्हें उनके देश में आकर इसी मॉडल को विकसित करने के लिए आमंत्रित किया। 

किसान रामदास साहू के पॉल्ट्री मॉडल पर भी फिल्म बनी, जिसे दो माह में करीब छह लाख बार देखा गया। किसानों ने बताया कि उनकी सफलता की कहानी को बीएयू के यूट्यूब चैनल पर डालने से उनकी आमदनी भी बढ़ गयी । सबौर के मशरूम उत्पादक प्रीतम बताते हैं कि उनकी सफलता की कहानी के कमेंट बॉक्स में लोग उनसे मोबाइल नंबर की मांग करते हैं और फिर उन्हें मशरूम स्पॉन का आर्डर मिल जाता है। 
 


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