पटना / 22.11.18 । दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन अध्ययन संस्थान के भवन का उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया । भवन वेटनरी काॅलेज ग्राउंड केे समीप है । सीएम ने कहा कि इस संस्थान की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर बनेगी । श्रमिकों के बिना कोई काम संभव नहीं है । श्रमिकों का निबंधन अधिक से अधिक हो ताकि उन्हें योजनाओं का लाभ मिल सके । राज्य में विकेंद्रीकृत तरीके से योजनाओं का क्रियान्वयन हो रहा है। इससे यहां के लोगों की आमदनी बढ़ी है और बाहर जाने वाले श्रमिकों की संख्या घटी है।
राज्य में बड़े उद्योग नहीं लगने के बावजूद बिहार 10 प्रतिशत से अधिक की विकास दर से बढ़ रहा है । दशरथ मांझी संस्थान का चाणक्या लाॅ यूनिवर्सिटी एवं वीवी गिरी राष्ट्रीय श्रमिक संस्थान के साथ समझौता हुआ है। इन संस्थानों से श्रमिकों को कानून की जानकारी मिलेगी ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक दशरथ मांझी दृढ़ इच्छाशक्ति वाले व्यक्ति थे । पहाड़ खोदकर उन्होंने रास्ता बनाया । पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से मिलने रेलवे लाइन के बगल से चलते हुए दिल्ली पहुंच गये । श्रमिकों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से श्रम संसाधन विभाग को फंड दिया गया है। 2020 तक एक करोड़ लोगों को हुनरमंद बनाने का लक्ष्य है।
डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी, श्रम संसाधन मंत्री विजय कुमार सिन्हा, भवन निर्माण मंत्री महेश्वर हजारी, चाणक्या लाॅ यूनिवर्सिटी की कुलपति मृदुला मिश्रा, वीवी गिरि राष्ट्रीय श्रमिक संस्थान के महानिदेशक एस.श्रीनिवास ने भी अपने विचारों को रखा।
इस मौके पर स्व. दशरथ मांझी के पुत्र भगीरथ मांझी, प्रधान सचिव दीपक कुमार सिंह, एस.सिद्धार्थ, चंचल कुमार, संजय कुमार व हरजोत कौर, सचिव मनीष कुमार वर्मा, डीएम कुमार रवि, सीएम के ओएसडी गोपाल सिंह समेत कई गण्यमान्य उपस्थित थे।