पटना। बिहार में कतरनी चावल के विकास के लिए बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) सबौर को राशि स्वीकृत की गई है। राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 के लिए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना-रफ्तार के अंतर्गत 423.80 लाख रुपये की स्वीकृति दी है।
कतरनी चावल के विकास के लिए 373.80 लाख रुपये एवं पोषकतत्व युक्त विभिन्न अनाजों के उत्पादन के लिए 50 लाख राशि आवंटित है। कार्यक्रम का उद्देश्य कतरनी धान के लिए गुणवत्तायुक्त बीज उत्पादन, जैविक खेती को मानकीकृत, चावल में सुगंध के विकास में भूमि और जलवायु के कारकों की भूमिका की जांच एवं कतरनी को लोकप्रिय करना है।
कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने कहा कि कतरनी चावल के जीआई टैग को पाने के लिए बिहार कृषि विश्वविद्यालय ने तकनीकी सुविधा प्रदान की है। कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण, किसान चौपाल एवं वीडियो फिल्म से कतरनी चावल बाजार प्रोत्साहन के लिए ब्रांडिंग और विस्तार का कार्य होगा।