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गौशाला पर ध्यान दें , गोबर व मूत्र से होगी अधिक आय

पटना/ 13. 12. 2018 । गौशाला पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है । गाय के गोबर और मूत्र का जैविक खेती में अधिक उपयोग है । दूध की अपेक्षा गोबर और मूत्र से अधिक आमदनी होगी । इसलिए गौशाला के माध्यम से इसे प्रमोट करना चाहिए । मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उक्त निर्देश पशु व मत्स्य संसाधन विभाग को दिये । वे बिहार विकास मिशन के शासी निकाय की पांचवीं बैठक में विभिन्न विभागों की समीक्षा कर रहे थे।  

सीएम ने कहा कि सड़कों पर विचरण करने वाले आवारा पशुओं को गोशाला भेजें ताकि उनके गोबर और मूत्र का उपयोग हो सके । इससे वर्मी कम्पोस्ट को बढ़ावा मिलेगा । जीविका के माध्यम से वितरित की जा रहीं बकरी और मुर्गी को और बढ़ावा दें । इससे कमजोर वर्ग की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा । बकरी का दूध डेंगू में सबसे अधिक फायदेमंद है ।

कृषि : सीएम ने विभाग के प्रधान सचिव को कृषि इनपुट सब्सिडी वितरण का काम अविलंब शुरू करने का निर्देश दिया । पटना और नालंदा के अधिकतर किसान खेतों से फसल काटने के बाद अवशेष में आग लगा रहे हैं । इस पर शीघ्र रोक लगाएं । 

उन्होंने कहा कि पंजाब और हरियाणा में किसानों के अपने खेत में आग लगाये जाने के कारण ही आज दिल्ली में पर्यावरण की यह दुर्गति हुई है । इसके लिए अभियान चलाकर किसानों को जागरूक करें , नहीं तो बिहार में भयावह स्थिति हो जाएगी । जलवायु परिवर्तन को देखते हुए फसल चक्र में भी परिवर्तन करना होगा । इसलिए फसल चक्र पर फोकस करते हुए लोगों को जागरूक करें । 

ध्वनि प्रदूषण : मुख्यमंत्री ने डीजीपी एवं परिवहन विभाग को एंबुलेंस छोड़कर सभी वाहनों से हूटर और सायरन हटाने का निर्देश दिया । बेवजह वाहन चालक हाॅर्न बजाते रहते हैं। इसके लिए परिवहन विभाग कार्रवाई के साथ लोगों को जागरूक करें। 

सहकारिता एवं पीएचई विभाग को भी सीएम ने कई निर्देश दिये। बैठक में संबंधित विभागों के मंत्री एवं प्रधान सचिव, सीएम के परामर्शी, मुख्य सचिव, डीजीपी, बिहार विकास मिशन के निदेशक एवं सीएम सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
 


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