पटना/19.12.18 । भगवद्गीता में जीवन की समस्याओं का समाधान है। साथ ही हर मानवीय आवश्यकता भी गीता के निष्ठापूर्ण अध्ययन से पूरी हो जाती है। इस्काॅन पटना के अध्यक्ष कृष्ण कृपा दास ने गीता जयंती पर कहा कि प्रत्येक भारतीय भगवद्गीता का सम्मान करता है, लेकिन कलिकाल के प्रभाव के कारण वह आदिज्ञान को भूल कर पाश्चात्य संस्कृति का अनुसरण कर रहा है।
अध्यक्ष ने गीता अध्ययन का फल, श्रीमद्भगवद्गीता नाम ही क्यों, गीता के उद्देश्य, ईश्वर, जीव, प्रकृति काल और कर्म की व्याख्या की। मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष एलएन पोद्दार ने बताया कि भगवान ने स्वयं वाराह पुराण में गीता की महिमा गाते हुए कहा है कि मैं गीता के आश्रय में रहता हूं। गीता मेरा श्रेष्ठ घर है। गीता के ज्ञान का सहारा लेकर मैं तीनों लोक का पालन करता हूं।
इस्काॅन यूथ फोरम के निदेशक रामभद्र ने कहा कि गीता मानव समाज के लिए भगवान श्री कृष्ण का वरदान है। हर व्यक्ति को इसे जरूर पढ़ना चाहिए। डाॅ आरएन सिंह एवं कई गण्यमान्य लोगों ने गीता के महत्व पर प्रकाश डाला।