पटना/31.12.2018 । land locked स्टेट होने के कारण बिहार में कोई बड़ी इंडस्ट्री नहीं लग रही है । यहां माइक्रो इंडस्ट्री को बढ़ावा देने की जरूरत है । इसके लिए राज्य सरकार हर संभव काम कर रही है । बिहार में आइटी सेक्टर में अच्छा काम हो सकता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उद्यमी पंचायत की बैठक के दौरान उक्त जानकारी दी।
सीएम ने कहा औद्योगिक प्रोत्साहन नीति का लाभ कारोबारी नहीं ले रहे हैं । इस क्षेत्र में निवेश कम होने के कारण टैक्स भी कम मिल रहा है। बावजूद कारोबार एवं लोगों का परचेजिंग पावर बढ़ रहा है । उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने सुरक्षा, बिजली एवं ध्वनि प्रदूषण के क्षेत्र में सुधार के सुझाव दिये, जिसकी उन्होंने प्रशंसा की।
सुरक्षा : सीएम ने कहा जो उद्योगपति व्यक्तिगत सुरक्षा चाहते हैं । इसके लिए आइजी (सिक्युरिटी) की अध्यक्षता में एक कमिटी बनी है। बिहार औद्योगिक सुरक्षा बल की दो बटालियन का गठन बेगूसराय और डुमरांव (बक्सर) में होगा । नियुक्ति के लिए शीघ्र विज्ञापन जारी होगा । हाल में हुई हत्या की माॅनिटरिंग डीजीपी लेवल पर हो रही है । एसआइटी का भी गठन किया गया है । सीएम कार्यालय भी रिपोर्ट संबंधित विभागों से ले रहा है।
जमीन : बियाडा की जमीन ट्रांसफर के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि इंडस्ट्री पाॅलिसी के तहत ट्रांसपेरेंसी के साथ जमीन का ट्रांसफर होना चाहिए । रेट पर भी ध्यान देने की जरूरत है। सभी के सहयोग से ही राज्य का विकास होगा।
डेयरी : दूध उत्पादन क्षेत्र में सुधा एक ब्रांड बन चुका है । निजी निवेश के लिए भी इस क्षेत्र को सरकार प्रोत्साहित कर रही है । सीएम ने कारेाबारियों से गोशाला निर्माण में सहयोग की अपील की।
उद्यमी पंचायत में डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी एवं उद्योग मंत्री जय कुमार सिंह ने भी अपने विचार रखे । संबंधित विभागों के मंत्री एवं प्रधान सचिव भी मौजूद थे।
पंचायत में मौजूद संघ : बिहार उद्योग संघ, बिहार चैंबर ऑफ काॅमर्स एंड इंडस्ट्रीज, सीआईआई, बिहार राईस मिल एसोसिएशन, एसोचैम, महिला उद्याग संघ, उत्तर बिहार उद्यमी संघ, बिल्डिंग एसो. ऑफ इंडिया समेत अन्य संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे ।