पटना/14.01.19 । पटना नगर निगम क्षेत्र में आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल से आने वाली मछलियों की बिक्री पर 15 दिनों के लिए रोक लग गई है। स्वास्थ्य विभाग के निर्देश के अनुसार पकड़े जाने पर सात साल जेल और 10 लाख जुर्माना का प्रावधान है। निर्णय मछलियों के सैंपल में फाॅर्मलिन और हेवी मेटल पाये जाने के बाद लिया गया।
पटना के बाद भागलपुर, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा व पूर्णिया से भी सैंपल लिये जायेंगे। जांच में फाॅर्मलिन और हेवी मेटल की पुष्टि के बाद दोनों राज्यों की मछलियों की बिक्री पर पूरी तरह रोक लग जायेगी। बिहार में आंध्र प्रदेश की मछलियों की सबसे अधिक बिक्री होती है। बाजार में आने तक मछलियां खराब न हो। इस कारण इनमें फाॅर्मलिन समेत अन्य केमिकल का उपयोग किया जाता है जबकि ये केमिकल कैंसर कारक हैं।
स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि दोनों राज्यों से आनेवाली मछलियां खाने योग्य नहीं हैं। पशुपालन विभाग ने सैंपल की जांच कोलकाता लैब में करायी थी। रिपोर्ट में फॉर्मलिन की पुष्टि के बाद मछलियों की बिक्री पर रोक की अनुशंसा की गई थी।
मछली विक्रेताओं में आक्रोश : मछली की बिक्री पर रोक के बाद विक्रेताओं में आक्रोश है। थोक विक्रेताओं का कहना है कि यह हमलोगों की जीविका है। रोक से हमारे सामने गंभीर समस्या आ जायेगी। निर्णय का हम विरोध करेंगे। सब्जी एवं दूध की मात्रा बढ़ाने के लिए भी हानिकारक इंजेक्शन का इस्तेमाल हो रहा है। इस पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।