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बजट किसान,श्रमिक व गांवों के विकास को समर्पित

पटना/नई दिल्ली/ 01.02.19 । अंतरिम बजट 2019 में किसान एवं असंगठित क्षेत्र के मजदूरों पर विशेष ध्यान रखा गया है। केंद्र सरकार दो हेक्टेयर तक की जमीन वाले किसानों को हर साल उनके खाते में छह हजार रुपये देगी। राशि तीन किस्त में मिलेगी। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को आंशिक योगदान पर 60 साल के बाद प्रतिमाह 3 हजार पेंशन मिलेगी। गायों के लिए राष्ट्रीय कामधेनु आयोग  एवं राष्ट्रीय गोकुल योजना का प्रावधान है।  

केंद्रीय बजट पर बिहार के मुख्यमंत्री, डिप्टी सीएम एवं कृषि मंत्री ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। 

सीएम : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बजट को सकारात्मक बताया। किसानों कोे राशि देने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत बनेगी। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को पेंशन देने के प्रावधान एवं आयकर छूट सीमा पांच लाख रुपये करना एक बेहतर कदम है। 

डिप्टी सीएम : डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बजट में किसान, श्रमिक, असंगठित क्षेत्र के मजदूर एवं मध्यम वर्ग का खास ख्याल रखा गया है। इसका सर्वाधिक लाभ बिहार जैसे राज्य को मिलेगा, जहां 91 प्रतिशत लघु व सीमांत किसान हैं। 

पशु व मत्स्य पालक किसानों को 4 प्रतिशत ब्याज पर लोन का लाभ भी बिहार को सर्वाधिक होगा। आपदा की स्थिति में किसानों को लोन पर ब्याज अनुदान 2 से 3 प्रतिशत किया गया है। नई पेंशन योजना में केेंद्र सरकार का योगदान भीे 10 से बढ़ कर 14 प्रतिशत हेा गया है। 

कृषि मंत्री : कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने कहा बजट किसान, गरीब एवं गांवों के विकास को समर्पित है। किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की गई है। इसका लाभ 2 हेक्टेयर तक जमीन वाले किसान ले सकेंगे । 

योजना एक दिसंबर, 2018 से ही लागू मानी जायेगी। इसके लिए 75,000 करोड़ राशि का प्रावधान किया गया है। पहली बार 22 फसलों का एमएसपी लागत का डेढ़ गुना किया गया है। 5 वर्षों में एक लाख डिजटल गांव का निर्माण होगा। 
 


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