पटना/ 06.02.19। पार्लियामेंट के सेंट्रल हॉल के तर्ज पर बने बिहार विधानमंडल के सेंट्रल हॉल का उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया। यह विधानमंडल के विस्तारित भवन के अंतर्गत है। राज्यपाल 11 फरवरी को विधानमंडल के संयुक्त अधिवेशन को सेंट्रल हाॅल में ही संबोधित करेंगे। हाॅल का शिलान्यास जनवरी 2010 में हुआ था। इस मौके पर ‘भारतीय संविधान में विधायिका की भूमिका’ पर विचार गोष्ठी भी हुई।
सीएम ने कहा संविधान ही सबकुछ है। हम सबकी संविधान के प्रति प्रतिबद्धता होनी चाहिए। संविधान में मौलिक अधिकार, संप्रभुता, नीति निदेशक तत्व, धर्म निरपेक्षता व फेडरलिज्म जैसी मौलिक चीजों की विस्तृत चर्चा है। नीति निदेशक तत्वों के अंतर्गत ही बिहार में 2016 में शराबबंदी लागू की गई।
पार्लियामेंट के सेंट्रल हॉल में सांसद व पूर्व सांसद आकर बैठते हैं। दलगत भावना से उठकर एक-दूसरे से विचार विमर्श करते हैं। सीएम ने उम्मीद जतायी कि बिहार विधानमंडल के सेंट्रल हॉल में भी ऐसा ही वातावरण दिखेगा। लाइब्रेरी एवं भोजन की भी व्यवस्था है। साथ ही विधानसभा अध्यक्ष, विधान परिषद के सभापति, मुख्यमंत्री एवं मंत्रियों का भी कक्ष है।
कार्यक्रम को डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी, विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी, विधान परिषद के कार्यकारी सभापति हारुण रशीद, भवन निर्माण मंत्री महेश्वर हजारी एवं संसदीय कार्यमंत्री श्रवण कुमार ने भी संबोधित किया।
इस मौके पर राज्य सरकार के सभी मंत्री, विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष सदानंद सिंह, विधान परिषद के पूर्व सभापति अवधेश नारायण सिंह, वर्तमान एवं पूर्व विधायक, सीएम के प्रधान सचिव चंचल कुमार, सचिव मनीष कुमार वर्मा, ओएसडी गोपाल सिंह समेत कई गण्यमान्य मौजूद थे।