पटना/22.02.19 । बिहार में उद्यानिक फसल विकास योजना शुरू होगी। उद्यानिक उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग एवं ब्रांडिंग पर राज्य सरकार 90 फीसदी अनुदान देगी। योजना की अवधि पांच साल है। कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने कहा कि योजना का मुख्य उद्देश्य उद्यानिक फसलों का पूरा उपयोग कर किसानों की आय में वृद्धि करना है।
पहले चरण में योजना 9 जिलों रोहतास, अररिया, समस्तीपुर, पूर्वी चंपारण, भोजपुर, शेखपुरा, बक्सर, नालंदा एवं वैशाली में शुरू की जायेगी। इसके तहत् रोहतास में टमाटर, अररिया व समस्तीपुर में हरी मिर्च, पूर्वी चंपारण में लहसुन, भोजपुर में हरा मटर, शेखपुरा व बक्सर में प्याज, नालंदा में आलू और वैशाली में मधु उत्पादन को प्रोत्साहित किया जायेगा।
दूसरे चरण में भागलपुर, दरभंगा, पटना व सहरसा में आम, पश्चिमी चंपारण में हल्दी, किशनगंज में अनानास, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी व शिवहर में लीची, कटिहार व खगड़िया में केला एवं कैमूर में अमरूद की खेती को बढ़ावा दिया जायेगा। इनके अतिरिक्त गया, औरंगाबाद एवं अन्य जिलों में पपीता, आंवला, पान, जैविक सब्जी, गेंदा, गुलदाऊदी एवं धनिया फसल का प्रोजेक्ट फाइनेंशियल अब्सट्रेक्ट एवं मशीनरी डिटेल तैयार कर योजना का कार्यान्वयन होगा।
5 साल की योजना में पहले वर्ष समूह के गठन के बाद सभी ढांचागत सुविधा एवं मशीन की स्थापना के लिए राशि उपलब्ध करायी जायेगी। दूसरे एवं तीसरे साल में उत्तम कृषि क्रियाओं (जीएपी), पैकेजिंग मटेरियल एवं जीएचपी के लिए राशि उपलब्ध होगी। समूह के प्रस्ताव के आलोक में चौथे एवं पांचवें साल में मरम्मत एवं आकस्मिकता के लिए राशि उपलब्ध होगी।