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बैंक सेवाओं की मॉनिटरिंग करेगा बैंकिंग निदेशालय

पटना/27.02.2019 । बिहार की बैंकिंग सेवाओं की आवश्यक देखरेख के लिए राज्य सरकार एक बैंकिंग निदेशालय का गठन कर रही है। निदेशालय वित्त विभाग के अंतर्गत कार्य करेगा। जानकारी डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने दी। वह होटल चाणक्य में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर सहकारिता मंत्री राणा रंधीर, प्रधान सचिव डॉ एस सिद्धार्थ समेत बेंकों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। 

डिप्टी सीएम ने कहा सरकार सभी योजनाओं की राशि डीबीटी से लाभुकों के खाते में भेजती है। इसमें आने वाली कठिनाई एवं उसके समाधान के लिए वित्त विभाग के अंतर्गत एक प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट की स्थापना की गई है। 

भारत सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के तर्ज पर डेयरी, फिशरी और पॉल्ट्री प्रक्षेत्र को भी समय पर कर्ज लौटाने पर मात्र 4 प्रतिशत ब्याज पर ऋण देने का प्रावधान किया है। अभी तक केसीसी में 1 लाख रुपये तक के ऋण पर किसी तरह की गिरवी और बंधक की आवश्यकता नहीं थी। अब भारत सरकार ने राशि 1 लाख से बढ़ाकर 1 लाख 60 हजार कर दिया है। 

उन्होंने कहा बैंको को निर्देश दिया गया है कि सूबे के सुदूर टोलों तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाने के लिए रोड मैप तैयार करे। इसके लिए बैंक राज्य के 1.8 लाख गांवों में चरणवार बिजनस काॅरसपोंडेंट नियुक्त करें। जीविका की दीदियों को भी बैंक मित्र बनाया जा सकता है।  

1 लाख 30 हजार करोड़ की वार्षिक साख योजना के तहत तीसरी तिमाही तक 74618 करोड़ यानी 57 प्रतिशत वितरित किया जा चुका है। यह पिछले साल से 1400 करोड़ रुपये अधिक है। पिछड़ने वाले जिलों, बैंक व ब्रांच को चिन्हित कर कारणों की जांच की जा रही है।
 


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