सबौर/15.03.19। बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर में दो दिवसीय अखिल भारतीय पीजी छात्र शोध सम्मेलन की शुरुआत हुई। आईसीएआर के पूर्व उप महानिदेशक डाॅ अनिल कुमार सिंह ने कहा कृषि योग्य भूमि की कमी को देखते हुए कम जोत में मुनाफायुक्त कृषि उत्पादन पर शोध करने की आवश्यकता है। कृषि वानकी को बढ़ावा देने की जरूरत है।
कुलपति डाॅ अजय कुमार सिंह ने बताया कि मिट्टी में विभिन्न सूक्ष्म तत्वों की कमी हो रही है। इसका मानव स्वास्थ्य पर असर हो रहा है। इसके निदान के लिए कृषि एवं चिकित्सा विज्ञान को मिलकर कार्य करना होगा। कृषि लागत को कम करने के लिए उत्पादन को बढ़ाना होगा।
आईसीएआर के डाॅ एस. सी. दत्ता ने कहा एडवांस रिसर्च पर ध्यान देने की वजह से बुनियादी शोध में कमी आ रही है। जीवी पंत कृषि विवि के डाॅ पी. सी. श्रीवास्तव ने मिट्टी के सूक्ष्म जीवाणु प्रबंधन पर जोर दिया। डाॅ आर. के त्रिपाठी ने टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने एवं बंजर जमीन प्रबंधन पर शोध की बात कही। इस मौके पर डाॅ एन. चट्टोपाध्याय, डाॅ ए.के.झा, कृषि वैज्ञानिक व अधिकारी उपस्थित थे।