पटना/20.03.19। विश्व गौरैया दिवस पर सेव स्पैरो एप लांच किया गया। संयुक्त रूप से एप को प्रेस इन्फाॅरमेशन ब्यूरो (पीआईबी) के अपर महानिदेशक एस.के. मालवीय, दूरदर्शन बिहार के निदेशक विजय कुमार, पीआईबी के निदेशक दिनेश कुमार, सहायक निदेशक व सेव स्पैरो एप के डेवलपर संजय कुमार ने कर्पूरी ठाकुर सदन में लांच किया। बिहार सरकार ने गौरैया को राजकीय पक्षी घोषित किया है
गौरैया संरक्षण के लिए वर्षों से काम कर रहे संजय कुमार ने कहा सेव स्पैरो एप में गौरैया संरक्षण से जुड़ी सभी जानकारियां हैं। देश में गौरैया की स्थिति, उनके आहार, संरक्षण व घोंसले की व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। साथ ही एसएमएस से सवाल भी पूछ सकते हैं।
एप खुलते ही गौरैया की चींचीं की आवाज के साथ .’अभी मैं जिंदा हूं ....गौरैया’ पेज खुलता है और लोगों से अपील करती है। आइए रूठे ‘गौरैया’ को बुलाने की करें पहल। मुख्य पृष्ठ पर 15 आइकन हैं, जिसे खोलते ही गौरैया संरक्षण के संदेश यानी गौरैया के बारे में सुंदर तस्वीरों के साथ पढ़ने को मिलता है।
अपर महानिदेशक एस. के. मालवीय ने कहा ‘गौरैया’ आज विलुप्ति के कगार पर है। घर-आंगन में चहकने-फूदकने वाली छोटी सी प्यारी गौरैया की आबादी में 60 से 80 फीसदी तक कमी आयी है। उन्होनें कहा कि गौरैया सरंक्षण की दिशा में यह एप महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
दूरदर्शन के निदेशक विजय कुमार ने कहा कि इसके संरक्षण के प्रति जागरूकता को लेकर दिल्ली और बिहार सरकार ने गौरैया को राजकीय पक्षी घोषित कर रखा है। जिन-जिन इलाकों से गौरैया रूठ कर चली गयी है वहां बुलाने के लिए देश में पहल चल रही है।
पीआईबी के निदेशक दिनेश कुमार ने कहा गौरैया पक्षी की चर्चा करते ही बचपन की याद आ जाती है। कभी इसका बसेरा घर-आंगन में हुआ करता था, लेकिन कंक्रीट में तब्दील होते शहर और गांव ने इन्हें हमसे दूर कर दिया है।