पटना/नई दिल्ली/02.04.19 । लोकसभा चुनाव के पहले बिहार की जनता ने अपनी तीन मांगों को रखा है। पहला रोजगार के बेहतर अवसर, दूसरा खेती के लिए पानी व तीसरा इलाज के लिए अस्पताल में बेहतर व्यवस्था शामिल है। 49.95 फीसदी लोगों ने रोजगार, 41.43 फीसदी ने कृषि व 39.09 फीसदी जनता ने स्वास्थ्य व्यवस्था को प्राथमिकता दी है। ग्रामीण जनता की प्राथमिकता में कृषि ऋण की उपलब्धता भी है।
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) के बिहार सर्वेक्षण में जनता ने अपने विचारों को साझा किया है। एडीआर ने अब तक का सबसे बड़ा मतदाता सर्वेक्षण अक्टूबर से दिसंबर 2018 के बीच किया था। सर्वेक्षण में बिहार के 40 लोकसभा क्षेत्रों के करीब बीस हजार लोगों से संपर्क किया गया। सर्वेक्षण में 87 प्रतिशत जनता ग्रामीण व 13 प्रतिशत शहरी क्षेत्र से थे।
जनता ने अपनी प्राथमिकताओं में सरकारी प्रयासों को औसत से कम रेटिंग दी है। 5 अंकों में रोजगार को 2.05, खेती के लिए पानी की उपलब्धता को 2.08 एवं अस्पताल की व्यवस्था को 2.10 रेटिंग मिली है। कृषि ऋण की उपलब्धता को 1.91 अंक मिला है।
खेती के लिए बिजली और फसल की अच्छी कीमत नहीं मिलने से भी निराशा है। इस मामले में रेटिंग क्रमशः 1.93 व 1.99 है। इसके अलावा सर्वेक्षण में 98 फीसदी लोगों ने कहा संसद या विधानसभा चुनाव में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले प्रत्याशी को उम्मीदवार नहीं बनाना चाहिए।