नई दिल्ली/08.04.19। सुप्रीम कोर्ट ने हर विधानसभा क्षेत्र से वोटर वेरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) और इलेक्ट्राॅनिक वोटिंग मशीन (इवीएम) मिलान की संख्या एक से बढ़ाकर पांच कर दी है। इनका चयन औचक तरीके से होगा।
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की खंडपीठ ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया की सत्यता और संतुष्टि के लिए ऐसा किया जा रहा है। इससे सिर्फ राजनीतिक दल ही नहीं मतदाता भी संतुष्ट होंगे। विपक्ष के 21 नेताओं की याचिका पर कोर्ट ने यह निर्देश दिया है। विपक्ष की मांग थी कि हर विधानसभा क्षेत्र में 50 फीसदी वीवीपैट पर्चियों का इवीएम से मिलान हो।
कोर्ट ने कहा इस कार्य में न तो अतिरिक्त जनबल की आवश्यकता होगी और न लोकसभा चुनाव के नतीजों में देरी होगी। चीफ जस्टिस ने चुनाव आयोग से पर्चियों पर दर्ज जानकारी और पर्चियों की वास्तविकता से संबंधित कई सवाल पूछे।