पटना/11.04.19। कैंसर को सावधानी से रोका जा सकता है। इसके लिए जागरूकता कार्यक्रम, दैनिक दिनचर्या में बदलाव व सकारात्मक सोच जरूरी है। जागरूकता कार्यक्रम में बच्चे काफी मददगार हो सकते हैं। बिहार देश में तम्बाकू का सबसे बड़ा उपभोक्ता राज्य है।
अब तक रिसर्च से मिली जानकारी के अनुसार कैंसर के कारणों में 4 प्रतिशत जेनेटिक, 40 प्रतिशत तम्बाकू उत्पाद के सेवन, 6 प्रतिशत कुपोषण, 15 प्रतिशत मोटापा, 25 प्रतिशत अज्ञात कारण एवं 10 प्रतिशत व्यक्तिगत हाईजिन है। उक्त जानकारी कैंसर अवेयरनेस सोसाईटी के उपाध्यक्ष डाॅ ए.ए. हई ने दी। वे बीआईए परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
सोसाईटी के सचिव एवं पारस हाॅस्पिटल के कैंसर चिकित्सक शेखर कुमार केसरी ने बताया कि जीवन शैली में हो रहे बदलाव से कैंसर के मरीज बढ़ रहे हैं। वर्तमान शोध से जानकारी मिल रही है कि 2050 तक यह बीमारी बढ़ेगी। 50 फीसदी कैंसर का इलाज संभव है, लेकिन यह काफी खर्चीला है। कैंसर का मरीज अकेला नहीं मरता है, बल्कि परिवार तबाह हो जाता है।
सोसाईटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष टी.पी.सिन्हा ने कहा Cancer is preventable and curable हमारा पंच लाईन है। कैंसर की सबसे बड़ी वजह तम्बाकू है। कैंसर की पहचान प्रारंभिक अवस्था में होने पर इससे निजात मिल जाती है। कैंसर से प्रतिदिन 192 लोगों की मृत्यु और प्रति वर्ष 1 लाख नये मरीज जुड़ रहे हैं।
इस मौके पर सोसाइटी के उपाध्यक्ष डी.बी. गुप्ता, डाॅ पूनम दीक्षित व डाॅ नीलम, बीआईए के के.पी.एस. केसरी व एमपी बिदासरिया समेत कई सदस्य उपस्थित थे।