नई दिल्ली/02.05.19। चक्रवाती तूफान फोनी से निपटने की तैयारियों की समीक्षा के लिए प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक में कैबिनेट सचिव, पीएम के प्रधान सचिव, गृह सचिव, आईएमडी, एनडीआरएफ व एनडीएमए के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार फोनी 3 मई की दोपहर 180 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार के साथ पुरी के दक्षिणी हिस्से में ओडिशा तट से टकरा सकता है। इस दौरान राज्य के तटवर्ती जिलों में भारी बारिश होगी।
प्रभावित राज्य : ओडिशा के गंजम, गजपति, खुर्दा, पुरी और जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक, जाजपुर और बालासोर सहित तटवर्ती जिलों के तूफान से प्रभावित होने की आशंका है। पश्चिम बंगाल के कोलकाता, पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर, दक्षिण और उत्तर 24 परगना, हावड़ा, हुगली व झारग्राम। आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम, विजयनगरम और विशाखापत्तनम जिलों में भी तूफान का व्यापक असर पड़ने की आशंका है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभावित राज्यों के अधिकारियों के साथ समुचित तालमेल बनाए रखने का निर्देश दिया। साथ ही आवश्यकतानुसार राहत एवं बचाव कार्यों के लिए ठोस कदम उठाने का भी निर्देश दिया।
मौसम विभाग ने तूफान के ओडिशा तट से टकराने के दौरान समुद्र में ऊंची लहर उठने की चेतावनी जारी करते हुए कहा कि ओडिशा के गंजम, खुर्दा, पुरी और जगतसिंहपुर जैसे तटवर्ती जिलों के निचले इलाके डूब सकते हैं।
तूफान की जद में आने वाले इलाकों को पूरी तरह खाली कराने एवं किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद्य पदार्थ, पीने का पानी और दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश है।