नईदिल्ली/07.05.19। खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने पिछले दो साल में मधुमक्खी पालने के लिए एक लाख से अधिक बाॅक्स दिये हैं। इन बक्सों से 246 टन शहद निकाला गया है, जिसका मूल्य करीब चार करोड़ रुपये है। आयोग ने यह कार्य ‘हनी मिशन’ के तहत किया है। हनी मिशन योजना अगस्त 2017 में गुजरात के बनासकांठा जिले में शुरू हुई थी।
केवीआईसी अध्यक्ष विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि आयोग ने मधुमक्खी पालन के लिए किसान व युवाओं को अब तक 1,01,000 बक्से वितरित किये हैं। यह देश में पहली बार हुआ है। मिशन के तहत रोजगार के 10 हजार से अधिक अवसर सृजित किये गये हैं।
केवीआईसी ने मधुमक्खी पालकों को मधुमक्खी कॉलोनी की जांच, वानस्पतिक उपकरणों से परिचित कराने, मधुमक्खी के दुश्मन, बीमारियों की पहचान एवं प्रबंधन, शहद निकालने और मोम शोधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया है। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) की नोडल एजेंसी होने के नाते केवीआईसी प्रसंस्करण, पैकेजिंग और शहद के लिए लेबलिंग इकाइयों की स्थापना के लिए ऋण प्रदान करेगा।