पटना/05.06.19। डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बैट्री चालित वाहनों पर 50 प्रतिशत कम रोड टैक्स लगेगा। इन वाहनों के लिए रिचार्ज स्टेशन की स्थापना, 501 पेट्रोल पंप और वाहनों के सर्विस सेंटर पर प्रदूषण जांच केंद्र लगाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही इलेक्ट्रिक बसों के परिचालन की प्रक्रिया शुरू की गई है। डिप्टी सीएम ज्ञान भवन में आयोजित ‘विश्व पर्यावरण दिवस समारोह’ को संबोधित कर रहे थे।
पटना के 45 प्रदूषण जांच केंद्रों को ऑनलाइन प्रमाणपत्र निर्गत करने के लिए अधिकृत किया गया है। उन्होंने कहा कि वायु की गुणवत्ता जांच के लिए मॉनिटरिंग सेंटर की संख्या बढ़ाई जा रही है। बिल्डिंग सामग्री, कचरा को ढक कर ढोने एवं सड़कों के बीच में बने फ्लैंक के पक्कीकरण का काम पटना में शुरू हो गया है। स्वच्छतर तकनीक अपनाने वाले ईंट भट्ठों को ही संचालन की अनुमति दी जायेगी।
डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट में दुनिया के 20 प्रदूषित शहरों में भारत के 13 और इनमें बिहार के पटना, गया और मुजफ्फरपुर को शामिल किया गया है। इन आंकड़ों को बिहार सरकार ने चुनौती दी है। बावजूद वायु प्रदूषण एक गंभीर चुनौती है।
डिप्टी सीएम ने कहा कि गंगा किनारे के शहरों जिनमें पटना भी है की हवा में पीएम 2.5 यानी 1 एमएम धूलकण का 400 वां हिस्सा है। यह मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। हवा में धूलकण बढ़ने के कारणों में वाहनों का उत्सर्जन, सड़क किनारे और बिल्डिंग मैटेरियल आदि से उड़ने वाले धूलकण प्रमुख हैं।
कृषि अवशिष्ट जलाने से भी वायु प्रदूषित हो रहा है, लेकिन भयभीत होने की जरूरत नहीं है। सरकार के 7-8 विभागों की ओर से समेकित एक्शन प्लान तैयार किया गया है। सरकार पूरी तरह से जागरूक और सचेत है।