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एनईएफटी व आरटीजीएस पर शुल्क समाप्त, रेपो रेट में कमी 

मुंबई/06.06.19। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए एनईएफटी और आरटीजीएस पर लगने वाले बैंक शुल्क को समाप्त कर दिया है। ग्राहकों को इसका लाभ शीघ्र देने के लिए बैंकों को एक सप्ताह में निर्देश जारी करने के लिए कहा गया है। साथ ही एटीएम पर लगने वाले शुल्क की जांच के लिए एक समिति भी गठित की है। 

आरबीआई ने 2019-20 की दूसरी मौद्रिक समीक्षा के दौरान रेपो रेट में फिर 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की है। रेपो रेट 6 फीसदी से घटकर 5.75 हो गया है। इससे होम, ऑटो व पर्सनल लोन पर ब्याज दरें कम होंगी। शक्तिकांत के गर्वनर बनने के बाद लगातार तीसरी बार रेट में कमी की गई है।   

इससे पहले आरबीआई ने 7 फरवरी एवं 4 अप्रैल, 2019 की मौद्रिक समीक्षा में रेट में कमी की थी। रिवर्स रेपो रेट 5.75 से घटकर 5.50 एवं बैंक रेट 6.25 से 6 प्रतिशत पर आ गया है। सीआरआर (कैश रिजर्व रेशियो) 4 फीसदी पर बरकरार है। वित्त वर्ष 2019-20 के लिए जीडीपी विकास दर अनुमान 7.2 फीसदी से घटाकर 7 किया गया है।

आरबीआई की छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के सभी सदस्यों ने रेट कटौती का समर्थन किया। 3 से 6 जून तक चली एमपीसी बैठक की अध्यक्षता आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने की। गवर्नर बनने के बाद यह उनकी तीसरी एमपीसी बैठक थी। अगली बैठक 5 से 7 अगस्त 2019 को होगी। 


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