पटना/11.06.19। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुजफ्फरपुर में एईएस बीमारी से बच्चों की मृत्यु पर चिंता जतायी है। उन्होंने कहा इससे काफी तकलीफ हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने अपनी एक टीम वहां भेजी है, जो बचाव के लिए किये जा रहे उपायों का जायजा लेगी।
सीएम ने कहा इसके लिए जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है ताकि अभिभवक अपने बच्चों की हिफाजत अच्छे से कर सकें। वह आईजीआईएमएस परिसर में 500 बेड वाले अस्पताल भवन के शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना के आंकड़े से पता चलता है कि दस वर्षों में राज्य की जनसंख्या में 23 से 24 फीसदी की वृद्धि हुई है। इस पर नियंत्रण के लिए सरकार काम कर रही है। लड़कियों को शिक्षित करने के लिए हर ग्राम पंचायत में उच्च माध्यमिक स्कूलों का निर्माण हो रहा है।
उन्होंने कहा आईजीआईएमएस सिर्फ मेडिकल काॅलेज ही नहीं बल्कि एक संस्था है। हमारी इच्छा है कि एम्स दिल्ली की तरह तरह यह अस्पताल बने। आईजीआईएमएस को बेहतर इलाज के साथ रिसर्च में भी अच्छा काम करना चाहिए।
डिप्टी सीएम : डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने भी जन्म दर पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि बिहार में आज भी जन्म दर 26.4 प्रतिशत जबकि यूपी में 25.9, ओडिशा में 18.3 और प.बंगाल में 15.2 प्रतिशत है। जनसंख्या नियंत्रण एक चुनौती बनी हुई है। 2001 में बिहार की जनसंख्या 8.28 करोड़ थी, जो 2011 में बढ़ कर 10.40 करोड़ हो गयी। अगर इसी दर से वृद्धि हुई तो 2021 तक बिहार की जनसंख्या करीब 13 करोड़ हो जायेगी। लड़कियों की शिक्षा व जन जागरूकता से ही जन्म दर नियंत्रित होगी।
कार्यक्रम को केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद एवं अश्विनी कुमार चौबे, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, विधायक संजीव चौरसिया, प्रधान सचिव संजय कुमार, आईजीआईएमएस के निदेशक डाॅ एनआर विश्वास ने भी संबोधित किया।