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एईएस का कहर जारी, स्वास्थ्य मंत्री पहुंचे एसकेएमसीएच  

मुजफ्फरपुर/14.06.19। एईएस (एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) से इस सीजन में अब तक 72 बच्चों की मौत हो चुकी है। मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, वैशाली एवं चंपारण समेत उत्तर बिहार के 12 जिले इसकी चपेट में हैं। इन जिलों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से एडवाइजरी जारी की जा रही है। बच्चों की लगातार मौत से सरकार चिंतित है।      

इसी कड़ी में शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय एसकेएमसीएच पहुंचे। उन्होंने भर्ती बच्चों का हाल जाना और व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा बच्चों को बचाने की पूरी कोशिश की जा रही है। बीमार बच्चों की बढ़ रही संख्या को देखते हुए मुजफ्फरपुर स्थित एसकेएमसीएच एवं केजरीवाल हाॅस्पिटल, सदर अस्पताल एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में बेड बढ़ाई गई है। छह अतिरिक्त एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है। 

उन्होंने कहा मुजफ्फरपुर आयी केंद्रीय टीम की सलाह पर जागरूकता अभियान तेज किया गया है। ग्रामीण स्तर पर इसकी जरूरत अधिक है। कई कारणों से बीमारी फैल रही है। समुचित व्यवस्था के तहत बच्चों का इलाज हो रहा है। लीवर, किडनी और फेफड़ों में गड़बड़ी की रिपोर्ट आयी है। ग्लूकोज भी न्यूनतम स्तर पर है। 

सावधानियां : बच्चों को तेज घूप में नहीं जाने दें , खाली पेट लीची न दें, अधपके व कच्ची लीची के सेवन से बचें, बच्चों को ओआरएस या नींबू पानी का घोल पिलाएं, रात में बच्चों को भरपेट खाना खिलाकर ही सुलाएं।     

डॉक्टरों की हड़ताल का असर : आईएमए के आह्वान पर डॉक्टरों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का असर भी देखा गया, लेकिन बीमार बच्चों को देखते हुए शिशु रोग विशेषज्ञों को इससे अलग रखा गया हैै। पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों के साथ हुई मारपीट के विरोध में डॉक्टर हड़ताल पर हैं। 
 


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