नई दिल्ली/18.06.19। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय मुजफ्फरपुर में एईएस से बच्चों की हो रही मौत की पड़ताल के लिए एक सात सदस्यीय उच्चस्तरीय टीम बिहार भेज रहा है। टीम में देश के सर्वोत्तम मेडिकल संस्थानों के विशेषज्ञ हैं। रिसर्च टीम पीड़ित बच्चों के साथ रहकर बीमारी चक्र, पर्यावरण एवं अन्य कारणों पर गौर करेगी। टीम मुजफ्फरपुर में अत्याधुनिक अनुसंधान केंद्र स्थापित करने के लिए प्रारंभिक कार्य करेगा।
उच्च्स्तरीय टीम के सदस्य : डाॅ झुमा शंकर (एसो. प्रोफेसर, शिशु रोग विभाग, एम्स दिल्ली), डॉ वी रवि (सीनियर प्रोफेसर, न्यूरो वायरोलॉजी, निमहान्स, बेंगलुरु), डॉ अभिनव सिन्हा (वैज्ञानिक, राष्ट्रीय मलेरिया अनुसंधान संस्थान, चेन्नई), डॉ विश्वरूप (असिस्टेंट प्रोफेसर,पेडियाट्रिक न्यूरोलॉजी, एम्स), डॉ मनोज मुरहेकर (निदेशक, राष्ट्रीय महामारी संस्थान, चेन्नई), डॉ तंडाले (वैज्ञानिक, एनआईवी, पुणे), डॉ अरलप्पा (वैज्ञानिक, राष्ट्रीय आहार संस्थान, हैदराबाद)।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने मुजफ्फरपुर से लौटने के बाद एक उच्चस्तरीय बहु विषयी टीम बिहार भेजने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि बीमारी के कारण को जानने के लिए उच्च अनुसंधान टीम की तत्काल आवश्यकता है। बिहार में पांच वायरोलॉजीकल लैब स्थापित की जाएंगी। जिलों का चयन राज्य सरकार की सलाह से होगा। इसका धन पोषण राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से किया जाएगा।